अखिलेश को घेर’ते हुए मायावती ने दिया ये बयान, सतीश मिश्रा के ज़रिए मु’सलमानों..

लोकसभा चुनावों के नतीजे जबसे आये हैं तब से ही सपा और बसपा के बीच दूरियाँ बढ़ सी गई हैं. अब जो ख़बरें आ रही हैं उसके मुताबिक़ समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में तल्खियां बढ़ रही हैं. बसपा ने कल अपनी राष्ट्रीय स्तर की बैठक की जिसमें उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से हम’ले किए. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश ने उन्हें सतीश मिश्रा के ज़रिए कहलवाया कि बसपा मुसलमानों को टिकट न दे.

मायावती ने साथ ही ये भी कहा कि गठबंधन के चुनाव हारने के बाद अखिलेश ने मुझे फोन नहीं किया. मायावती ने इस मीटिंग में कहा कि सतीश मिश्रा ने उनसे कहा कि वे मुझे फोन कर लें, लेकिन फिर भी उन्होंने फोन नहीं किया. उन्होंने कहा कि मैंने बड़े होने का फर्ज निभाया और काउंटिग के दिन 23 तारीख को उन्हें फोन कर उनके परिवार के हारने पर अफसोस जताया.


मायावती ने कहा कि जब मैंने गठबंधन को तोडनी की बात कही तब भी उन्होंने मुझसे बात नहीं की बल्कि सतीश मिश्रा को फ़ोन किया. मायावती ने कहा कि अखिलेश ने सतीश मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश ने सतीश मिश्रा ने दावा किया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूँ क्योंकि उससे और ध्रुवीकरण होगा, लेकिन मैंने उनकी बात नहीं मानी.

मायावती ने सपा के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के साथ उन्हें ताज कोरिडोर मामले में फंसाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि अखिलेश की सरकार में गैर यादव और पिछड़ों के साथ नाइंसाफी हुई, इसलिए उन्होंने वोट नहीं किया. इसके अलावा सपा ने प्रमोशन में आरक्षण का विरोध किया था इसलिए दलितों, पिछड़ों ने उसे वोट नहीं दिया.


उन्होंने कहा कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा को सलीमपुर सीट पर समाजवादी पार्टी के विधायक दल के नेता राम गोविंद चौधरी ने हरवाया. उन्होंने दावा किया कि इस सीट पर सपा का वोट भाजपा को ट्रान्सफर हो गया. उल्लेखनीय है कि सपा-बसपा-रालोद ने 2019 का लोकसभा चुनाव मिलकर ल’ड़ा था.

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