ग्लैमर की दुनिया में उम्र का बढ़ना गुनाह!

चमकदार रौशनी, कैमरों के फ़्लैश और स्टेज पर मौजूद एक ख़ूबसूरत होस्ट, जो अपनी आवाज़ और अदाओं से समा बांध रही है और उसकी हर एक अदा पर तालियां पीटती दर्शक दीर्घा.

शायद आपने अंदाज़ा लगा लिया होगा कि ये तस्वीर किसी ग्लैमरस प्रोग्राम के स्टेज शो की हैं. लेकिन इस चकाचौंध से अलग एक दुनिया इस स्टेज के पीछे भी होती है. जहां तक चमकदार रौशनी नहीं पहुंचती, कैमरों के फ़्लैश मद्धिम हो जाते हैं और दर्शकों की तालियां हवाओं में कहीं घुल जाती हैं.

जिन ख़ूबसूरत चेहरों से स्टेज की रौनक बढ़ाई जाती है, उन पर उम्र के एक पड़ाव तक पहुंचने के बाद इसी ख़ूबसूरती को बरकरार रखने का दबाव पड़ने लगता है.

ऐसे ना जाने कितने चेहरे हैं जो कभी घर-घर में पहचाने जाते थे लेकिन, वक़्त के साथ वो धुंधले पड़ गए.

साल 2001 में टीवी पर एक सीरियल आता था ‘कुसुम’. इस धारावाहिक में मुख्य किरदार निभाने वाली नौशीन अली सरदार उन दिनों घर-घर में कुसुम नाम से ही पहचानी जाती थीं.

सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के जवाब में नौशीन ने बीबीसी से कहा कि जिस वक्त वो कुसुम सीरियल कर रही थीं उस समय उनकी उम्र 17-18 साल थी, जबकि वो एक 29-30 साल की महिला का रोल निभा रही थीं. लोगों को लगता है कि अब तक तो मैं 45-50 साल की औरत हो गई होंगी. जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है.

ग्लैमर की दुनिया में महिलाओं की उम्र कितनी मायने रखती है, इस पर नौशीन जवाब देती हैं कि बॉलीवुड की दुनिया जहां पुरुष प्रधान है तो वहीं टीवी की दुनिया में अधिकतर रोल महिलाएं निभाती हैं.

वो अपनी बात को विस्तार देते हुए कहती हैं, ”टीवी की दुनिया में अगर आप चाहे 21 साल की हों या 41 साल की आपको मां के रोल मिल सकते हैं. जहां तक अभिनेत्रियों के लीड रोल से हटने की बात है तो उन्हें परिवार की ज़िम्मेदारियों की वजह से ब्रेक लेना पड़ता है.”

उम्र और करियर

नौशीन ने बातों-बातों में एक बेहद ज़रूरी पहलू की तरफ ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि अगर कोई एक्ट्रेस लगातार काम कर रही है तो उसे बहुत अधिक सवालों का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन अगर किसी ने पारिवारिक कारणों से या निजी वजहों से छोटा-मोटा ब्रेक ले लिया तो उसे दोबारा स्वीकार करने में लोग वक्त लेते हैं. उन्हें मिलने वाले रोल में बदलाव आ जाता है.

हालांकि नौशीन यह बात टीवी और फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए बोल रही थीं लेकिन महिलाओं की उम्र और करियर से जुड़ा यह सच तमाम दूसरी नौकरियों में भी लागू होता है.

फोर्ब्स इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में महिलाएं कभी भी एक लीनियर करियर जॉब (लगातार नौकरी) नहीं कर पातीं. इस रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर टैलेंट इनोवेशन (सीटीआई) ने साल 2012 में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं के नौकरी करने के पैटर्न पर स्टडी की.

इस स्टडी में भारत की तरफ से 3 हज़ार महिला और पुरुष का इंटरव्यू गया, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि भारत में 36 प्रतिशत महिलाएं अपनी नौकरी से ब्रेक ले लेती हैं. लगभग ऐसे ही आंकड़े जर्मनी और अमरीका में भी पाए गए.

इसी स्टडी में आगे बताया गया कि जितनी भी महिलाएं अपनी नौकरी छोड़ती हैं उनमें से 58 प्रतिशत ही दोबारा फ़ुल टाइम वर्क में लौटती हैं.

ग्लैमर की ही दुनिया की बात करें तो महिलाओं के खूबसूरत और जवान दिखने की शर्त सिर्फ़ टीवी और फ़िल्म में ही नहीं कही जाती, इसमें स्टेज शो एंकर और एयर हॉस्टेस जैसे करियर भी शामिल होते हैं.

दिल्ली में कई शो होस्ट कर चुकीं एंकर कृष्णा वर्मा वैसे तो मानती हैं कि उम्र महज़ एक नंबर है. लेकिन वो ये भी कहती हैं कि ग्लैमर की दुनिया में उम्र के इस नंबर का महत्व बढ़ जाता है.

उनके मुताबिक, ”ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़ी लड़िकयों पर हमेशा जवान दिखने का दबाव रहता है, अगर आप फ़िट नहीं हैं, आकर्षक नहीं हैं तो आपको जल्दी ही रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है.”

मूलतः हरियाणा की रहने वाली कृष्णा इस समय 36 साल की हैं, साल 2009 में उनकी शादी हो गई थी और फिलहाल वो दो बच्चों की मां हैं.

अपने करियर के सबसे बेहतरीन वक़्त को याद करते हुए कृष्णा बताती हैं कि शादी से पहले वो इतनी ज़्यादा व्यस्त रहती थीं कि एक महीने में लगभग 20-22 शो एंकर करती थी. लेकिन शादी होते ही उनको स्टेज शो के ऑफर आने कम हो गए.

उम्र घटाने की जद्दोजहद

खूबसूरती यूं तो उम्र की मोहताज़ नहीं होती, लेकिन जहां बात करियर और काम की आ जाती है तो वहां उम्र बहुत हद तक महत्वपूर्ण हो जाती है. साल-दर-साल एक-एक पायदान चढ़ती उम्र को कैसे कम किया जाए, या यूं कहें कि उसे किस तरह छिपाया जाए, बाज़ार भी इसे भुनाने में पीछे नहीं रहता.

हाल ही में अभिनेता शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत का ऐसा ही एक विज्ञापन सुर्खियों में आया था. एंटी-एजिंग क्रीम के इस विज्ञापन मीरा बताती हैं कि मां बनने के बाद उनकी त्वचा पर उम्र का असर दिखने लगा जिसे उन्होंने उस ख़ास क्रीम की मदद से दूर कर लिया.

मीरा के इस विज्ञापन को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि महज़ 23 साल की मीरा एंटी-एजिंग क्रीम के विज्ञापन क्यों कर रही हैं.

दक्षिण भारतीय अभिनेत्री अमला ने पिछले साल टीवी की दुनिया में महिलाओं की उम्र को लेकर उठने वाली बहस पर बीबीसी से कहा था, ”एक तरह की मानसिकता है कि महिलाओं को बूढ़ा नहीं होना चाहिए, दुनिया के किसी भी प्राणी को देख लीजिए सभी अपनी जवानी के दिनों में ही सबसे खूबसूरत दिखते हैं.”

नए चेहरों से चुनौतियां

ग्लैमर की दुनिया में एक बड़ी चुनौती हर रोज़ नई लड़कियों और टैलेंट की एंट्री भी है. इवेंट शो होस्ट कर चुकीं कृष्णा बताती हैं, ”उम्र बढ़ने के साथ-साथ नई लड़कियां भी चुनौती पेश करती रहती हैं. इवेंट मैनेजर चाहते हैं कि नए चेहरे शो में शामिल हों. हालांकि अनुभव भी काफी हद तक मायने रखता है लेकिन यह ग्लैमर की दुनिया है यहां जवान दिखना ही पहली शर्त है.”

वहीं दूसरी तरफ जवान मॉडल के दिलो-दिमाग में चलने वाली उथल-पुथल भी कम नहीं होती.

देहरादून की रहने वाली आएशा घानी, पिछले पांच साल से देश-विदेश में मॉडलिंग और इवेंट शो होस्ट कर रही हैं. वो कहती हैं कि फिलहाल उनके हाथ में बहुत से प्रोजेक्ट हैं, वे इतनी व्यस्त हैं कि कई बार अपने खास दोस्तों या रिश्तेदारों से एक पल बात तक नहीं कर पातीं.

अपनी चुनौतियों के बारे में 25 साल की आएशा कहती हैं, ”हमेशा प्रेजेंटेबल दिखने का दबाव बना रहता है, चाहे हालात कैसे भी हों चेहरे पर हंसी बरकरार रहनी चाहिए. और सबसे बड़ा डर रहता है उम्र का बढ़ना. मैं जानती हूं अगले चार-पांच सालों में मुझे भी शादी करनी होगी, शायद ये ग्लैमर की दुनिया वहीं खत्म हो जाएगी.”

महिलाओं के लिए ग्लैमर की दुनिया जितनी जल्दी शोहरत लेकर आती है, उतनी ही जल्दी वह उन्हें एक अजीब से अकेलेपन में धकेल भी देती है.

एक बार फिर नौशीन के सामने जब यह सवाल रखा जाता है कि क्या उम्र सच में करियर पर असर डालती है?

वो हंसते हुए कहती हैं, ”90 के दशक में ऐसा बहुत होता था, अगर आज भी ऐसा माना जाएगा तो हम कैसे आगे बढ़ेंगे, हमें मैच्योर होकर सोचने की ज़रूरत है. उम्र महज़ नंबर है यह समझना ज़रूरी है.”

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