पीएम मोदी चीन के लिए रवाना, वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर जिनफिंग के साथ होगी वार्ता

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नई दिल्ली । प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी वुहान, चीन के लिए रवाना हुए। वह 27 और 28 अप्रैल को चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग के साथ अनौपचारिक बैठक करेंगे।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट्स कर कहा कि मैं 27-28 अप्रैल 2018 को चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग के साथ एक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए वुहान [ चीन ] का दौरा करेंगे। राष्ट्रपति जिनफिंग और मैं द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

हम राष्ट्रीय विकास के लिए विशेष रूप से वर्तमान और भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के संदर्भ में अपने संबंधित दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे। हम रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से भारत-चीन संबंधों के विकास की भी समीक्षा करेंगे।

 

कई मुद्दों पर होगी बात

मोदी ने कहा, ‘राष्ट्रपति शी और मैं द्विपक्षीय और वैश्विक महत्व के विविध विषयों पर व्यापक चर्चा करेंगे और विचारों का आदान प्रदान करेंगे। हम अपनी अपनी दृष्टि और राष्ट्रीय विकास के बारे में प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे जिसमें खास तौर पर वर्तमान एवं भविष्य के अंतर्राष्ट्रीय दृश्य के विषय शामिल होंगे।’ मोदी ने कहा कि इसमें भारत-चीन संबंधों के सामरिक और दीर्घकालिक पहलु के संदर्भ में समीक्षा की जाएगी।

पीएम मोदी चौथी बार चीन के दौरे पर

वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा है। वह 9 और 10 जून को क्विंगदाओ शहर में होने जा रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भी चीन जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी के बीच की इस शिखर वार्ता को अनौपचारिक कहा गया है। ऐसा इसलिए कि इस वार्ता के दौरान किसी समझौते पर दस्तखत नहीं होगा। कोई साझा बयान जारी नहीं होगा और शिष्टमंडल स्तर की भी बातचीत जैसा मामला नहीं होगा। ये मौक़ा दोनों देशों के प्रमुखों के बीच अनौपचारिक सीधी आपसी बातचीत का होगा।

डोकलाम विवाद के कारण दोनों देशों के संबंधों में आए खटास को दूर करने के लिए हाल के समय में दोनों पक्षों ने कई कदम उठाए हैं। इस दिशा में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने चीन की यात्रा की थी। इसके बाद, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आठ देशों के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन गई थी। इसी दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी चीन के दौरे पर पहुंची हैं।

सभी प्रोटोकॉल तोड़ते हुए वुहान में अभूतपूर्व शिखर सम्मेलन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस सम्मेलन की मेजबानी खुद राष्ट्रपति शी चिनफिंग करेंगे। वे पहली बार इस तरह के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं, इसलिए सबको इससे काफी उम्मीदें हैं।

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