रोजाना सुबह जागने के बाद 10 बार “ला इलाहा इललल्लाह” पढ़ने की ताकत देखले…देखिये विडियो

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आज हम आपको ला इलाहा इलल्लाह की फजीलत के बारे में बताएंगे। हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने फरमाया की अल्लाह के नबी हजरत नूह अलैहिस्सलाम जब हालत है नेज़ा में थे। तब उन्होंने अपने बेटे से कहा कि मैं तुम्हें “ला इलाहा इलल्लाह” को मजबूती से थामे रखने का हुक्म देता हूं ।अगर 7 जमीनों को तराजू के एक पलड़े में रख दिया जाए और ला इलाहा इलल्लाह को तराजू के दूसरे पलड़े में रख दिया जाए तो कलमा ला इलाहा इलल्लाह का पलड़ा भारी होगा और अगर सातों आसमान और सातों ज़मीन एक पेचीदा मुअम्मा होते तो कलमा तौहीद उसका हल जरूर पेश कर देगा.

इमाम बुखारी ने अपनी किताब “अल अदबुल मुफ़्रीद” में इस हदीस का ज़िक्र भी किया है। दोस्तों यह कितनी फ़ज़ीलत वाला कलमा है इसका अंदाजा तो आपको इस हदीस से ही लग गया होगा। इस कलमे की इतनी फजीलत है कि अगर आप इसको सुबह शाम या फिर सिर्फ सुबह के आगाज़ के वक्त 10 बार पढ़ ले तो अल्लाह पाक आपको किन-किन इनामात से बख़्शेगा यह जानकर आप खुश हो जाएंगे.

google

दोस्तों आइए आपको बताते हैं ला इलाहा इल्ला की फ़ज़ीलतो के बारे में ,उससे पहले हम जानेंगे ला इलाहा इलल्लाह का क्या मतलब या मायने क्या है?ला इलाहा में “ला” नफ़ी है ,इल्ला इसका इस्म है और खबर इसका मकसुफ़ है,यानी लाइलाह हक़ मतलब “नहीं है कोई माबूद बरहक़”। लाइलाह मगर अल्लाह यह खबर हक़ से इस्तसना है.
google

इल्लाह के माने है “वह जात जिसकी इबादत में दिल वारफ्ता हो ,यानी कि उसकी तरफ दिल माइल हो औऱ उसूले नफा या दफ़ा के लिए उसकी तरफ रुजू हो। ये कलम आसबत औऱ नफ़ी दो चीजों का मजमुआ है।तमाम मखलूक से अल्वय्यत से नफ़ी,और अल्लाह के लिए अल्वय्यत का असबात यानी अल्लाह ही माबूदे बरहक़ है और उसके सिवा मुश्रिक़ीन ने जितने ब माबूद बना रखे हैं सब बातिल हैं.

इसका मतलब सिर्फ अल्लाह ही मुश्किल कुशा है उसके सिवा कोई मुश्किल कुशा नहीं है।इसका मतलब सिर्फ अल्लाह ही हाजत रवा है उसके सिवा कोई हाजतों को कुबूल करने वाला नहीं है। दोस्तों ये कलमा तमाम शराह अम्बिया की मेहनत का खुलासा और हासिल है लिहाजा जिस कसरत से क़ुरान औऱ हदीस में इसका बयान है वह करीमें कयाज़ है, ये दीन कि असल और ईमान की जड़ है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *