शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने रखी ये शर्त, सोनिया गाँधी ने उद्धव ठाकरे को..

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर आप भी सस्पेंस खत्म होता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना का गठबंधन टूटने के बाद राज्य में सियासी हलचल मच गई थी। दोनों पार्टियां सरकार गठन को लेकर आपसी सहमति से कोई फैसला लेने में नाकामयाब रही जिसके बाद दोनों राजनीतिक दलों ने अन्य विकल्प ढूंढने शुरू किए।

अब शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला ले चुकी है। खबर सामने आ रही है कि लंबी जदोजहद और कड़ी मशक्कत के बाद अब महाराष्ट्र में सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है। शिवसेना-NCP और कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र में शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस का फॉर्मूला तय हो गया है।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत तीनों दल गठबंधन की सरकार बनाने जा रहे हैं। सरकार बनने के बाद शिवसेना के मुख्यमंत्री होंगे। वहीं दो डिप्टी सीएम भी बनाया जाएगा। 14-14 और 12 फॉर्मूले पर मंत्री होंगे। यानी एनसीपी को 14 और कांग्रेस को 12 मंत्रीपद मिलेगा। बताया जा रहा है कि 17 नवंबर में नहीं की शिवसेना संस्थापक बालासाहेब की पुण्यतिथि पर दोनों पार्टियां सरकार बनाने की घोषणा कर सकती हैं और 19 नवंबर को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी शरद पवार के साथ मुलाकात भी करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष शिवसेना के होंगे। वहीं गृह मंत्रालय NCP के पास रहेगा । गौरतलब है कि पिछले एक हफ्ते से सरकार बनाने को लेकर शिवसेना, NCP-कांग्रेस के बीच मंथन चल रहा है। गुरुवार को दिनभर तीनों दलों की मैराथन बैठकें चल रही है।

गौरतलब है कि तीनों दलों के बीच कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (सीएमपी) को लेकर सहमति बन गई है। हालांकि ड्राफ्ट के मुताबिक आखिरी फैसला सोनिया गांधी और उद्धव ठाकरे लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस फैसले पर मुहर लग जाएगी। सूत्रों के मुताबिक तीनों दलों के बीच हुई सहमति में हिं’दुत्व के मुद्दा को शामिल नहीं किया गया है। लेकिन युवाओं और किसानों पर फोकस करने पर योजना बनी है।

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