मोदी बोले- समय सीमा से पहले देश के हर गांव में बिजली पहुंचाई, देश के लिए ऐतिहासिक दिन

इंफाल/नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचने का दावा किया है। उन्होंने रविवार को ट्वीट कर बताया कि मणिपुर का लेइसांग गांव ग्रिड से जुड़ने वाला देश का आखिरी गांव है। 28 अप्रैल देश के लिए ऐतिहासिक दिन है।मोदी ने कहा कि लेइसांग सहित देश के ऐसे तमाम गांवों में बिजली पहुंच चुकी है, जहां रोशनी नहीं थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के सभी 597,464 गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है। मोदी सरकार के सत्ता संभालने के वक्त 18,452 गांवों तक बिजली नहीं पहुंची थी।

बिजली से जुड़ने वाले आखिरी गांव में रहते हैं 65 लोग

– पावर ग्रिड से जुड़ने वाले देश के आखिरी गांव लेइसांग में 19 परिवारों के कुल 65 लोग रहते हैं। इनमें 31 पुरुष और 34 महिलाएं हैं।

– ऐसे कई गांवों तक बिजली पहुंचाने में काफी मशक्‍कत करनी पड़ी। कई गांवों में तो बिजली उपकरण सिर पर रखकर ले जाने पड़े। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह उन सबको सलाम करते हैं, जिन्‍होंने बिना थके काम करके ये सपना सच कर दिखाया।

1000 दिन का लक्ष्य 987 दिन में पूरा

मोदी ने 15 अगस्‍त 2015 को लाल किले से एलान किया था कि अंधेरे में डूबे 18 हजार से ज्यादा गांवों में तीन साल से भी कम समय में बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू की गई थी जो 987 दिन में ही पूरी हो गई।

7.5 करोड़ घरों को अभी तक बिजली का इंतजार

रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) के मुताबिक अभी देश के सात करोड़ पांच लाख घरों तक बिजली पहुंचनी बाकी है। आरईसी के प्रेस रिलीज में चीफ प्रोग्राम मैनेजर बिजय कुमार मोहंती ने कहा कि बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया काफी आसान कर दी गई है।

मन की बात में युवाओं से अपील

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से गर्मी की छुटि्टयों में स्वच्छ भारत इंटर्नशिप-2018 से जुड़ने की अपील की है। पीएम ने बताया कि चार मंत्रालयों ने मिलकर यह इंटर्नशिप शुरू की है जिसे सही तरीके से पूरा करने वाले स्टूडेंट्स को यूजीसी दो क्रेडिट प्वाइंट देगा। बेहतरीन काम करने वाले इंटर्न, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी दिया जाएगा।

– युवा माईगॉव एप पर जाकर इसके लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पीएम ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ‘जय विज्ञान’ के मंत्र को आत्मसात कर आधुनिक, सशक्त और समर्थ भारत के निर्माण में योगदान दें। 20 साल पहले 11 मई 1998 को पोकरण में वाजपेयी के नेतृत्व में ही परमाणु परीक्षण किया गया था।

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