हमर छत्तीसगढ़ योजना : सरगुजा, मनेन्द्रगढ़, केशकाल, धमतरी और बालोद वनमंडल के संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के 534 सदस्य अध्ययन भ्रमण पर

रायपुर. राज्य शासन के हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत पांच वनमंडलों के संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के 534 सदस्य इन दिनों राजधानी के अध्ययन प्रवास पर हैं। इनमें सरगुजा वनमंडल के 158, धमतरी के 122, कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के 98, बालोद के 94 और कोंडागांव जिले के केशकाल वनमंडल के 62 सदस्य शामिल हैं। सदस्यों ने आज अध्ययन यात्रा के पहले दिन अटल नगर में मंत्रालय और शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भ्रमण किया। उन्होंने रायपुर का इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय भी देखा।
पांचों जिलों के संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों के लिए हमर छत्तीसगढ़ योजना के आवासीय परिसर, अटल नगर के उपरवारा स्थित होटल प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षण सत्र एवं सामूहिक चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें सदस्यों ने अपनी-अपनी समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों के अनुभव एक-दूसरे से साझा किए। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने उन्हें शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। रायपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता श्री शाहिर लुधियानवी खान ने संयुक्त वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाले अनेक कानूनों के बारे में बताया। सदस्य अध्ययन प्रवास के दूसरे दिन कल 18 सितम्बर को जंगल सफारी, विधानसभा, छत्तीसगढ़ विज्ञान केन्द्र (साइंस सेंटर) तथा पुरखौती मुक्तांगन का भ्रमण करेंगे।

चिन्हारी योजना की वेबसाईट शुरू कलाकार अपना पंजीयन करा सकते है

राज्य शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के कलाकारों को ऑनलाईन पंजीयन की सुविधा देने के लिए वेबसाईट शुरू की गई है। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि वेबसाईट का शुभारंभ संस्कृति पर्यटन तथा सहकारिता मंत्री श्री दयालदास बघेल के विगत 12 सितम्बर को विधानसभा स्थित उनके कक्ष से किया गया। इस अवसर पर विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, संचालक श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।संस्कृति मंत्री श्री बघेल ने कहा है कि राज्य के कलाकरों को महत्व देने और उनकी सुविधा के लिए संस्कृति विभाग ने वेबसाइट बनाई है, उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य के कलाकारों को चिन्हारी योजना के तहत ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा दी गई है। इससे राज्य के कलाकरों को संस्कृति विभाग से सीधे संपर्क करने का अवसर मिलेगा। विभाग द्वारा पंजीकृत कलाकारों को विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा और कलाकरों प्रदर्शन का कार्य संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कला एवं सांस्कृति से जुड़े समस्त कलाकारों को अपना पंजीयन कराना आवश्यक है। राज्य के कलाकारों को अपनी कला से संबंधित दस्तावेजों को विभागीय वेबसाईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटसीजीकल्चरडाटइन( www.cgculture.in ) पर ऑनलाइन पंजीयन फार्म भरकर पंजीयन करा सकते है। इस संबंध में और अधिक जानकारी के लिए संस्कृति विभाग की सहायक संचालक डॉ. मुक्ति बैस से दूरभाष क्रमांक 0771-2537404 से कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते है।

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