बिहार में दर्दनाक हादसा: दिल्ली जा रही बस में लगी आग, जिंदा जल गए 12 लोग

मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही यात्री बस (यूपी 75 एटी 2313) पूर्वी चंपारण जिला मुख्‍यालय मोतिहारी के निकट कोटवा में बाइक सवार को बचाने के क्रम में दुर्घटनाग्रस्त होकर 15 फीट गड्ढे में जा गिरी। इसके उपरांत बस में आग लग गई। इसमें एक दर्जन यात्रियों के मरने की आशंका है, जबकि आठ यात्रियों ने बस की खिड़की का शीशा का तोड़कर जान बचाई। दुर्घटना में घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है।
घटना पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक और सीएम नीतीश कुमार ने दुख जताया है। मुख्‍यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक दुर्घटनाग्रस्‍त बस से आठ लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

सूचना मिलते ही पूर्वी चंपारण के डीएम रमण कुमार व एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने वहां का जायजा लिया। साथ ही बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मोतिहारी एसपी ने बताया कि कुल 20 लोग बस में होंगे।
उधर, मुजफ्फरपुर स्थित बैरिया बस स्टैंड में बस बुकिंग सेंटर के कर्मचारी घटना की सूचना मिलते ही फरार हो गए। हालांकि, अहियापुर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहां से बुकिंग रजिस्टर व बुक टिकट भी जब्त कर लिया है। देर शाम बस में सवार कई यात्रियों के परिजन स्टैंड में पहुंचे और खोज-खबर लेते रहे।
मुजफ्फरपुर से दिल्‍ली जा रही थी बस
मिली जानकारी के मुताबिक साहिल बस सर्विस की बस मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्‍टैंड से दिल्ली के लिए खुली थी। बस में 50 यात्रियों के सवार होने की जगह थी। बस मालिक संतोष कुमार दुर्घटना के बाद से फरार है। बताया जा रहा है कि फर्जी नंबर लेकर बस का परिचालन किया जा रहा था।
घायल यात्रियों ने बताया कि बैरिया बस स्टैंड से बस दोपहर सवा दो बजे खुली थी। अपराह्न करीब चार बजे जैसे ही बस कोटवा पहुंची कि एक बाइक सवार तेजी सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में बस चालक ने अचानक ब्रेक लगाई और नियंत्रण खो दिया। बस सड़क किनारे 15 फीट गड्ढे में जा गिरी और उसमें आग लग गई।
देखते ही देखते सबकुछ जला
आग की लपटें तेज हो गईं और बस को आगोश में ले लिया। कुछ यात्रियों ने खिड़की का शीशा तोड़कर जान बचाई, लेकिन वे भी गंभीर रूप से झुलस गए। तत्काल स्थानीय लोग बचाव के लिए आए, लेकिन आग की तेज लपट के कारण सफल नहीं हो सके। कुछ ही देर में बस जलकर राख हो गई। घटना में मरने वालों की संख्या अभी पुष्ट नहीं हो सकी है।
बस का हो रहा था अवैध परिचालन
बिहार राज्‍य ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्‍यक्ष ने कहा कि मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए बस का अवैध परिचालन किया जा रहा था। इसपर रोक लगाने की मांग परिवहन विभाग से की गई थी। सभी डीटीओ को भी पत्र लिखा गया था। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई और यह हादसा हो गया। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त ने भी बस परिचालन को अवैध बताया है।

सूचना मिलते ही पूर्वी चंपारण के डीएम रमण कुमार व एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने वहां का जायजा लिया। साथ ही बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मोतिहारी एसपी ने बताया कि कुल 20 लोग बस में होंगे।
उधर, मुजफ्फरपुर स्थित बैरिया बस स्टैंड में बस बुकिंग सेंटर के कर्मचारी घटना की सूचना मिलते ही फरार हो गए। हालांकि, अहियापुर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहां से बुकिंग रजिस्टर व बुक टिकट भी जब्त कर लिया है। देर शाम बस में सवार कई यात्रियों के परिजन स्टैंड में पहुंचे और खोज-खबर लेते रहे।
मुजफ्फरपुर से दिल्‍ली जा रही थी बस
मिली जानकारी के मुताबिक साहिल बस सर्विस की बस मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्‍टैंड से दिल्ली के लिए खुली थी। बस में 50 यात्रियों के सवार होने की जगह थी। बस मालिक संतोष कुमार दुर्घटना के बाद से फरार है। बताया जा रहा है कि फर्जी नंबर लेकर बस का परिचालन किया जा रहा था।
घायल यात्रियों ने बताया कि बैरिया बस स्टैंड से बस दोपहर सवा दो बजे खुली थी। अपराह्न करीब चार बजे जैसे ही बस कोटवा पहुंची कि एक बाइक सवार तेजी सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में बस चालक ने अचानक ब्रेक लगाई और नियंत्रण खो दिया। बस सड़क किनारे 15 फीट गड्ढे में जा गिरी और उसमें आग लग गई।
देखते ही देखते सबकुछ जला
आग की लपटें तेज हो गईं और बस को आगोश में ले लिया। कुछ यात्रियों ने खिड़की का शीशा तोड़कर जान बचाई, लेकिन वे भी गंभीर रूप से झुलस गए। तत्काल स्थानीय लोग बचाव के लिए आए, लेकिन आग की तेज लपट के कारण सफल नहीं हो सके। कुछ ही देर में बस जलकर राख हो गई। घटना में मरने वालों की संख्या अभी पुष्ट नहीं हो सकी है।

बस का हो रहा था अवैध परिचालन
बिहार राज्‍य ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के अध्‍यक्ष ने कहा कि मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए बस का अवैध परिचालन किया जा रहा था। इसपर रोक लगाने की मांग परिवहन विभाग से की गई थी। सभी डीटीओ को भी पत्र लिखा गया था। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई और यह हादसा हो गया। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त ने भी बस परिचालन को अवैध बताया है।

ऐसे हुई दुर्घटना
कहा जा रहा है कि बस की रफ्तार तेज थी और सामने से आ रही एक बाइक को बचाने में बस एक गड्ढ़े की वजह से असंतुलित होकर पलट गई और उसमें आग लग गई। देखते ही देखते बस धू-धूकर जलने लगी। बस में सवार लोगों को निकलने का मौका भी नहीं मिला।

राहत व बचाव में हुआ विलंब
स्थानीय लोगों ने जब धुंआ देखा तो पुलिस और प्रशासन को घटना की जानकारी दी। लोगों ने खुद से बस की आग को बुझाने का प्रयास किया। लेकिन, लपटें इतनी तेज थीं कि वे नाकामयाब रहे। फायर ब्रिगेड के आने में विलंब हुआ, जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने खुद से बालू मिट्टी और पानी के सहारे आग को बुझाने का प्रयास किया और जल रही बस के भीतर से बचे लोगों को भी निकाला। घायलों के इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और पटना के पीएमसीएच अस्‍पतालों को अलर्ट कर दिया गया है।

बस एयरकंडीशंड और पूरी तरह से बंद थी। उसमें सिर्फ एक दरवाजा था जो घटना के समय बंद था। बस के पलटते ही एसी की वजह से उसमें आग लग गई और दरवाजा बंद होने की वजह से लोगों की चीख तक बाहर नहीं निकली।
यात्रियों ने कराई थी ऑनलाइन बुकिंग
घायलों ने बताया कि बस में कुल 13 लोग सवार थे। हालांकि, कुछ ने 30 यात्रियों के होने की बात कही।
झुलसे लोगों की सूची
1. श्रुति कुमारी (दरभंगा),
2, संजीव कुमार (समस्तीपुर)
3. चिंटू चौघरी (समस्तीपुर)
4. राजदेव यादव (मुजफ्फरपुर)
5. रिंकू कुमारी (बेगूसराय)
6. अमित कुमार (बेगूसराय)
7. विनोद कुमार (सीतामढ़ी)
8. आदित्य कुमार श्रीवास्तव

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