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अगर आप भी है साढ़ेसाती और ढय्या का असर तो जरुर चढ़ाये ये पकवान और करे इस माला से जाप

दोस्तों आपका हमारे इस लेख में स्वागत है आज हम आपको उस उपाए के बारे में बताने वाले जिससे आप पर अगर शनिदेव की साढ़ेसाती और ढय्या का असर है तो आपको इस उपाय को करने से आपके जीवन में बहुत ही लाभ होगा ! ज्योतिष के अनुसार कुछ ऐसी राशियाँ है जिन पर शनि देव की साढ़ेसाती और ढय्या का असर है  मकर राशी , धनु राशी और वृश्चिक राशि है जिन पर साढ़ेसाती है और कन्या राशी पर ढय्या का असर है ! अगर आप शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करने के बाद तिल के तेल से आरती करते है तो शनिदेव आप पर प्रसन्न हो सकते हैं और आप पर शनि देव कृपा आनी प्रारम्भ हो जाएगी ! 

तो आइये जानते है शनि देव की पूजा विधि :-

शनिवार दिन शाम को स्नान आदि करने के बाद घर के किसी साफ स्थान पर शनिदेव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। शनि देव को कला कपडा, नीला फूल और काली उड़त की दाल और काला तिल जरुर चढ़ाये और दोस्तों शनि देव को मीठी पूरी का भोग भी जरुर लगाये ! दोस्तों शनि देव जी को भोग लगाने के बाद काली तुलसी की माला को हाथ में लेकर ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें। उसके बाद काले तिल के तेल का 1 चौमुखा दीपक जलाएं और उससे बाद शनिदेव जी  की ये आरती को गए  :-

जय-जय श्रीशनिदेव भक्तन हितकारी।

सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ।। जय-जय ।।

श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।

नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ।। जय-जय ।।

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी ।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहार ।। जय-जय ।।

मोदक मिष्ठान पान चढ़त है सुपारी ।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ।। जय-जय ।।

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी ।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ।। जय-जय ।।

इसके बाद आप अपने घर के हर कोने में, हर जगह आरती लेकर इधर- उधर घुमाये और इस तरह करने से  घर की सभी नकारत्मक उर्जा भी खत्म हो जाती है और सकारत्मक उर्जा का विकास होता है और उसके बाद अंत में हाथ जोड़कर शनिदेव से परेशानियां दूर करने के लिए प्रार्थना करें जिससे आप पर शनि देव की कृपा आनी प्रारम्भ हो जायगी !

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