कांग्रेस सीएम से सीधे मिल सकता है आमआदमी, इस जगह हर समस्या खुद सीएम ही हल करते

रायपुर.मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां पर निवास पर जन चौपाल, भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा जिले की वस्त्रम बुनकर सहकारी समिति सिवनी के बुनकरों को अलसी के रेशों से वस्त्र तैयार करने के लिए जरूरी मशीनों के लिए अपने स्वेच्छानुदान से 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मंजूर की है। इस बुनकर सहकारी समिति के पांच बुनकर सर्वश्री रामाधार, अशोक कुमार देवांगन, हेमंत देवांगन, महेन्द्र देवांगन और कलेश राम अलसी के रेशे से कपड़ा बना रहे हैं।

इन बुनकरों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बताया कि उनकी समिति द्वारा अलसी के बेकार रेशों से कपड़ा तथा अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं लेकिन यह कार्य हाथों द्वारा किया जा रहा है, जिसके कारण वस्त्रों की गुणवत्ता मशीनों से तैयार किए जाने वाले वस्त्रों से कुछ कम हैं और उत्पादन भी कम मात्रा में हो पा रहा है। यदि इसके लिए जरूरी मशीनें मिल जाएं तो वस्त्रों की उत्पादकता भी बढ़ेगी और गुणवत्ता भी उत्कृष्ट श्रेणी की हो जाएगी। पांचों बुनकरों ने 5-5 लाख रूपए का अनुदान देने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें 20 स्पिनिंग मशीनों की आवश्यकता है जिसकी लागत लगभग तीन लाख है और एक कार्डिंग मशीन जिसकी कीमत 22 लाख रूपए है की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने बुनकरों की बातों को गंभीरता से सुना और मशीनों के लिए 25 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान कर दी।

प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास पर आयोजित जनचौपाल: भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में आल इंडिया बैंक ऑफीसर्स कॉन्फेडरेशन की छत्तीसगढ़ इकाई के प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा सार्वजनिक क्षेत्रों के 10 बैंकों के 4 बैंक में विलय की योजना के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए, इस योजना को रोकने के लिए उचित पहल का आग्रह मुख्यमंत्री से किया।

प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस निर्णय से लाभ में चल रहे बैंकों की स्थिति और उनकी सम्पत्तियों की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पडे़गा। ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों की बैंक शाखाएं बंद होगी। यह योजना किसानों, शिल्पकारों के साथ बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के विपरीत होगी। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि बैंक अधिकारियों के 4 संगठन इस योजना के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए आगामी 26 और 27 सितम्बर को 48 घंटे की हड़ताल आयोजित कर रहे हैं। इन संगठनों द्वारा नवम्बर माह के द्धितीय सप्ताह में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल की बातें गंभीरता से सुनी और प्रधानमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखने का आश्वासन दिया।

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