भारतीय करेंसी के आगे कितनी कीमत रखती है अफगानिस्तान की करेंसी, जानिये

अफगानिस्तान के काबुल में घुसते ही तालिवान ने पुरे अफगानिस्तान को अपने कब्जे में ले लिया है ! अमेरिका समेत कई देशो ने अपने-अपने नागरिको को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकाला ! अब तालिबान बचे हुए लोगो को धर्म कापाठ पढ़ाने के लिए सडको पर उतर आया है ताकि अफगानिस्तान के लोग पूरी तरह से केवल तालिवानी धर्म को अपना कर जीना सीखे !

अब तालिबान (Taliban) किसी भी तरह से अफगानिस्तान (Afghanistan) की आवाम को अपनी तरफ करने में लगा है। इसके लिए तालिबान तरह-तरह के नुस्खे आजमा रहा है। तालिबान के कई अहम नेता सड़क पर निकल कर लोगों को धर्म का पाठ पढ़ाते देखे जा रहे हैं। आज हम आपको अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक तथा अफगानी करेंसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं। आपको बताएंगे की अफगानी करेंसी के सामने भारतीय करेंसी कहा टिकती है। आइए आपको पूरी जानकारी विस्तार से बताते हैं।

द अफगानिस्तान बैंक लेखा जोखा रखता है अफगानी करेंसी का

आपको बता दें कि हर देश का अपना एक केंद्रीय बैंक होता है। अफगानिस्तानी नोट को प्रिंट करने का और उसका वितरण करना का काम वहां की केंद्रीय बैंक “द अफगानिस्तान बैंक” करता है। अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक की स्थापना साल 1939 में हुई थी। लेकिन तालिबान का राज आने के बाद बैंक पर भी तालिबान का दबदबा कायम हो गया है। वर्तमान समय में इस बैंक के प्रमुख की गद्दी खाली है। अब यह देखना काफी अहम होगा की तालिबान अफगानी करेंसी का क्या करते है। आपको बता दें कि अफगानिस्तान में एक अफगानी से लेकर 1000 अफगानी तक की करेंसी चलती है।

भारतीय 100 रुपए होता है 115 अफगानी के बराबर

साल 2001 में जब अफगानिस्तान में पहली बार तालिबान ने सत्ता कायम किया था तब भी अफगानी नोट का प्रचलन जारी था। हर 5 वर्ष में अफगानिस्तान नए नोट प्रिंट करवाता है। क्या आपको पता है कि अफगानी नोट अफगानिस्तान में नहीं छपते। स्थानीय मीडिया ने जानकारी देते हुए बताया था कि अफगानी करेंसी ब्रिटेन करंसी प्रेस में छपती है। अफगानी नोट 01, 05, 10, 50, 100, 500 और 1000 की मुद्रा में छापे जाते हैं। भारत के 100 रुपये 115 अफगानी के बराबर हैं। भारत की करेंसी अफगानी करेंसी से मजबूत है।

अफगानी करेंसी का सिक्योरिटी मार्क होता है बहुत मजबूत

अफगानी करेंसी के सिक्योरिटी मार्क बहुत अच्छे हैं। इसलिए इसे अनुचित तरीके से बनाने या छापने की संभावनाएं बहुत कम होती है। या फिर यूं कहें की कोई भी व्यक्ति नकली अफगानी करेंसी नहीं बना सकता। अफगानी करेंसी पर नोट की संख्या अलग-अलग होती है। अगर कोई व्यक्ति चाहे की एक नोट के अनुसार सीरियल नंबर को आधार बना कर नोट छाप ले तो यह संभव नहीं है। क्योंकि अफगानी करेंसी में सीरियल नंबर भी कोडिंग के आधार पर होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.