9 अक्टूबर मंगलवार के दिन करे लौंग का यह छोटा सा उपाए , इतना पैसा आयेगा की संभाल नही पाओगे !

दोस्तों आपका हमारे इस लेख में स्वागत है आज हम आपको इस लेख में आपको बताने वाले है की अगर आप 9 अक्टूबर मंगलवार अमावस्य के दिन यह एक छोटे से उपाए को करते है तो आपको अपने सभी दुःख और समस्याओ से छुटकर मिल सकता है तो आइये दोस्तों शुरू करते है ! दोस्तों आज में आपको इस लेख में लौग के उपाए के बारे में बताने वाला हूँ ! दोस्तों जैसा की आप सभी जानते है की 10 अक्टूबर को नवरात्र प्रारम्भ हो रहे है उससे पहले आपको अगल-अलग उपाए करने चाहिए क्योकि अमावस्या और नवरात्री में बाहर नकारत्मक शक्तियां ज्यादा होती है ! इसलिए इन दिनों लोगो को बहुत सारी परेशनी का सामना करना पड़ता है !

दोस्तों आपके जीवन में जितनी भी समस्या होती है ! उनमे से ज्यादातर परेशनियाँ नकारत्मक शक्ति के कारण भी हो सकती है ! इसलिए आपको इन नकारत्मक शक्तियों से बचना चाहिए ! आपको अलग-अलग उपाए भी करने चाहिए ! यदि आप घर में ये उपाय करते है तो आपको जरुर लाभ होगा ! दोस्तों आप अपने जीवन में जितने अच्छे काम करोगे उसका अच्छा फल भी आपको जरुर मिलेगा और अगर आपसे कोई बुरा कम होगा तो भी आपको इस बुरा फल मिलेगा !  दोस्तों 9 अक्टूबर को मंगल वार होने के कारण आपको लौग का उपाए बता रहे है ! मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-आराधना करनी चाहिए ! इसलिए हनुमान जी को लौग अत्यन ज्यादा प्रिय है इसलिए लौग के साथ हम ये उपाए करने जा रहे है !

लौग के उपाय :-

दोस्तों आपको एक लौग लेनी है लौग पूरी तरह से साबुत होने चाहिए और उसके ऊपर का फूल भी बना होना चाहिए ! दोस्तों ऐसे लौग लेकर आपको अपने पूजा घर के सामने बैठ जाना होगा ! पूजा गहर के सामने बैठने के बाद आपको इस लौग को हनुमान जी के पास रखना है ! अगर आपके पूजा घर में हनुमान जी की तस्वीर हो तो वो और भी अच्छा रहेगा ! यदि तस्वीर न हो तो बिलकुल चिंता करने के जरूरत नही है आप उस लौग को उसी पूजा घर में रख दे ! उसके बाद आपको वही पर सरसों के तेल का दीपक जलाना होगा ! यदि सरसों का तेल न हो तो दुसरे तेल का भी आप जला सकते है !

दोस्तों दीपक जलाने के बाद आपको अपने दोनों हाथ जोड़कर अपने आंखे बंद करके आप को ( जय सिया राम ! जय सिया राम ) इस मन्त्र का आपको 21 बार जाप करना है ! दोस्तों इस मन्त्र का जाप होने के बाद इस साबुत लौग को आपको दाहिने हाँथ में उठा लेना है और दोस्तों आपको जितनी भी परेशनियाँ है आपको उस लौग से बोल देना है दोस्तों परेशनियाँ बोलते वक्त आपको मन ही मन हनुमान जी की आराधना करनी है ! परशानियाँ बोलने के बाद आपको उस लौग को पूजा घर में वापस रख देना !

इसके बाद आपको पुरे विश्वास के साथ आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा ! हनुमान चालीसा का पाठ करते वक्त कोई आपको बीच में परेशान न करे या न टोके इस बात का भी आपको ध्यान रखना होगा ! हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद आपको उस लौग को सरसों के दीपक से उल्टा घुमा लेना है ! जैसे आपकी घडी घुमती है उसके उलटी तरफ से 3 बार उल्टा घुमा लेना होगा !

उसके तुरंत बाद आपको उस लौग को लेकर आपको अपने घर के छत पर आना है ! अगर आपके गहर पर छत न हो तो आप इस उपाए को अपने दोस्त के घर पर भी कर सकते है या दोस्तों आप इस उपाए को घर के बहार खुले मैदान में भी कर सकते है ! दोस्तों छत पर आने के बाद आपको इस लौग को अपने दाहिने हाथ की मुठी में पूरी तरह से बंद करना है उसके बाद आपको अपने आंखे बंद करके आपका मुख दक्षिण दिशा की और करके खड़ा होना है वह पर खड़ा होने के बाद आपको अपने आंखे बंद करनी है उसके बाद आप आंखे बंद करके ही दक्षिण दिशा में जितना दूर हो सके उतनी दूर आपको इस लौग को फेक देना है ! दोस्तों आपको इस लौग को दक्षिण दिशा की और फेक देना ही ! दोस्तों लौग फेकते वक्त आपको इसे देखना नही होगा ! उसके तुरंत बाद आपको अपने घर से निचे आना है ! बीच रास्ते में आपको एक शब्द भी बोलना नही होगा ! दोस्तों इस उपाए के बाद आपकी सभी परेशनी समाप्त हो जाएगी ! दोस्तों ये लौग चाहे आपके छत पर गिरती है या बहार गिरती है उसे आपको लेने नही जाना है ! ये उपाय होने के बाद आपको अपने परेशानी कम होती हुई जरुर दिखाई देगी ! इसके साथ ही आपको नवरात्री में कोई परेशानी नही सताएगी !

अमावस्या की रात में ये उपाय करने से आप पर विशेष कृपा बन जाएगी ! संकट मोचन हनुमान जी आपके साथ आपके हर संकट दूर करने के लिए खड़े रहेगे ! दोस्तों ये उपाए बहुत ही प्रभावशाली उपाए है इस उपाए को आपको 9 अक्टूबर को रात 9 बजे के बाद और 12 बजे से पहले आप इस उपाए को कभी भी कर सकते है !

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