अगर माँ-बाप की वजह से मियां-बीवी का रिश्ता ख’राब होने लगे तो शौहर को क्या करना चाहिए? मौलाना ने बताया…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आज हम आपको बताएंगे कि अगर मां-बाप की वजह से मियां बीवी का रिश्ता खराब होने लगे तो शौहर को ऐसे में क्या करना चाहिए? मेरे भाइयों इस्लाम में लड़कों का अपने मां बाप को इज्जत देना उनका हुकुम मानना उन पर फर्ज है ।अगर आप नमाज पढ़ रहे हैं और उस वक्त अगर आपकी मां आपको आवाज दे तो आप नमाज छोड़ कर उनके पास जाए (नफिल नमाज या सुन्नत नमाज़) लेकिन अगर मां बाप की वजह से मियां बीवी के रिश्ते में दरार आने लगे तो शौहर को बीच में खड़ा हो जाना चाहिए बिना उनसे बदतमीजी किए और बिना उनकी बेअदबी किए अपने मां बाप से अपनी बीवी की हिफाजत करनी चाहिए.

दोस्तों अगर मां-बाप जुल्म भी करें तो उनके सामने बोलने का हक नहीं है लेकिन अगर बात बीवी की है तो आप कम से कम उस की हिफाजत कर सकते हैं। दोस्तों अपने रिश्ते को बचाने के लिए और मजबूत करने के लिए शौहर और बीवी दोनों को ही साथ मिलकर मेहनत करनी चाहिए। शौहर और बीवी दोनों को ही कोशिश करनी चाहिए कि मां-बाप नाराज ना हो और उनकी कोई बेअदबी भी ना हो और वह खुश भी रहे। बहुत सारे मर्द ऐसे होते हैं जो घर आते हैं और अपनी बहनों की बात सुनकर बीवी को मा’रने पीटने लगते हैं.

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कुछ दिनों पहले मेरे पास एक लड़की आई और मुझसे कहने लगी कि मेरा शौहर मुझे बहुत मा’रता है मेरे शौहर की बहने उसका कान भर्ती है और वह मुझसे आकर एक बार पूछता भी नहीं है कि क्या तुमने ऐसा किया है या नहीं बस वह मुझे मा’रना शुरू कर देता है। मियां बीवी के रिश्ते में मजबूती लाने के लिए शौहर को बीवी को इज़्ज़त देना चाहिए और बीवी को शौहर को इज्जत देना चाहिए.

औरत को चाहिए कि जब आपका शौहर थक हार कर घर आए तो उसे वह ताने ना मारे। इसी तरह बीवी दिनभर बच्चों को संभालती है शौहर के मां-बाप की खिदमत करती है उसका घर संभालती है तो घर आकर शौहर को भी अपनी बीवी को ताना नहीं देना चाहिए ।मेरे भाइयों ऐसा करने से भले ही रिश्ते ना टूटते हो लेकिन रिश्ते की खूबसूरती और हुस्न खो जाता है फिर रिश्ते में सिर्फ मजबूरियां ही रह जाती हैं।

कभी-कभी लड़के के साथ ससुर और लड़की के साथ ससुर मियां बीवी के बीच में कुछ ज्यादा ही दखल अंदाजी करते हैं और इन दोनों में सबसे ज्यादा जो लड़की के साथ ससुर यानी कि लड़के के मां-बाप होते हैं वह इस रिश्ते को खराब करने की वजह बनते हैं. ऐसा नहीं है कि वह जानबूझकर उनका रिश्ता खराब करना चाहते हैं उनकी नियत ऐसी नहीं होती है लेकिन अनजाने में ही सही वह अपनी औलाद का घर बिगाड़ देते हैं वह अपनी औलाद को अच्छा बनाने के पीछे अपने बहू बेटे का रिश्ता खराब कर देते हैं।

इसीलिए मैं कहता हूं कि आप सब जरूर सीखें कि हमारे नबी अपने घर में कैसे रहते थे उनकी सीरत को सीखें। दोस्तों आजकल हर कोई यह जानता है कि हमारे नबी आसमान पर गए ,उन्होंने चांद के दो टुकड़े किए ,उनकी उंगली से चश्मे निकले ,और भी बहुत सारे मौजज़े उन्होंने किये है लेकिन कोई यह नहीं जानता कि हमारे नबी अपने घर में और रिश्तेदारों और अपनी बीवी के साथ कैसे रहते थे और कैसा सुलूक करते थे.

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हम सभी जानते हैं कि हमारे नबी ने बहुत अच्छा काम किया है नमाजे बहुत पढ़़ी, इबादत भी बहुत की ,लेकिन हमारे नबी का एखलाके सबसे बेहतर था अल्लाह ने हमारे नबी को हर बात पर शाबाशी दी हैं लेकिन सबसे ज्यादा शाबाशी उनको उनके एखलाक के लिए मिली है ।कुरान में अल्लाह ने फरमाया हैं कि ऐ मेरे महबूब तुम्हारा एखलाक सबसे अच्छा है इसके लिए मैं तुम्हें शाबाशी देता हूं। मेरे भाइयों मियां बीवी का रिश्ता अक्सर करके दब जाता है क्योंकि सभी लड़के पर मां का प्रेशर होता है तो कभी बाप का, कभी बहनों का तो कभी किसी और का.

एक बार एक लड़की ने मुझे फोन किया और मुझसे कहने लगी कि मेरे शौहर तो बहुत अच्छे हैं लेकिन वह भाइयों में सबसे छोटे हैं उनपर भाइयों का ज्यादा प्रेशर होता है और भाइयों ने मिलकर हम दोनों की जिंदगी को खराब कर रखी है। कई बार अगर ससुराल वाले ठीक होते हैं तो लड़की की मां बहुत ज्यादा दखलअंदाजी करती है जिसकी वजह से मियां बीवी का रिश्ता बिगड़ने लगता है भले ही लड़की की मां का इरादा गलत ना हो लेकिन उसकी वजह से उसकी ही बेटी का घर बिगड़ने लगता है। कई बार लड़कियां शादी के बाद शौहर से ज्यादा अपने घर वालों को अहमियत देने लगती हैं कि मेरा भाई ऐसे ,मेरे मां-बाप ऐसे, जिसकी वजह से उनका शौहर से रिश्ता खराब होने लगता है.

अल्लाह के रसूल से जब मैंने पूछा कि ए रसूल अल्लाह एक औरत पर सबसे ज्यादा हक किसका है तो आप ने फरमाया कि उसके शौहर का है। तो शादी के बाद लड़की का फर्ज बनता है कि भले ही वह अपने मां बाप भाई बहन की इज्जत करें लेकिन अगर इनकी वजह से उसके शौहर से उसका रिश्ता खराब होता है तो वह उनको किनारे कर दे। मियां और बीवी का रिश्ता अल्लाह की निशानियो में से एक है ।हमारे यहां अगर कोई शौहर थोड़ा सा भी बीवी से मोहब्बत जाहिर कर दे तो उसको कहा जाता है कि यह तो जोरू का गुलाम हो गया ,यह तो ऐसे हो गया ,यह तो वैसे हो गया,यह तो कमरे से निकलता ही नहीं है इसको तो बीवी के सिवा कुछ दिखता ही नहीं। मेरे भाइयों ऐसा बोल बोलने वाले बहुत ही ज्यादा नादान है। बीवी के ज़िम्मे है कि वह शोहर का एहतराम करे उसकी इज्जत करे ,कोई ऐसी बात ना करें या कोई ऐसा काम ना करें जो उसके शौहर के मिजाज के खिलाफ हो.

One thought on “अगर माँ-बाप की वजह से मियां-बीवी का रिश्ता ख’राब होने लगे तो शौहर को क्या करना चाहिए? मौलाना ने बताया…”

  1. Mere bhi sahsh Aur shashur dono milkar hum dono ki zindagi kharab kar rkhi h Aur meri Biwi bhi Apne maa baap ki baat manti h Aur kehti h ke mere maa baap jo bhi kahenge m woh karoungi isme m Kiya karo bhai Aap mujhe koi achcha sa mashwera dijiye

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