आयतल कुर्सी पढ़ने की क्या है फ़ज़ीलत और उसकी अहमियत व् सवाब? अगर मुसलमान जान जाये तो…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आज हम आपको आयतल कुर्सी की फजीलत के बारे मे बताएंगे। सूरह बकरा ,सूरह न. 2,आयतल न. 255 जिसे हम लोग आयतल कुर्सी कहते हैं ।अतल कुर्सी की बड़ी फजीलतें है जिसकी कोई इंतेहा नहीं। आयतल कुर्सी कुरान मजीद की तमाम आयतो में सबसे आला और अफ़जल हैं। सही मुस्लिम की रिवायत है आबि बिन काब ने कहा है कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि क्या तुझे मालूम है कि किताबुल्लाह में से कौन सी आयत सबसे अफ़ज़ल है? तो मैंने अर्ज किया कि अल्लाह और उसके रसूल ही जानते होंगे कि सबसे अफजल आयत कौन है मैं नहीं जानता।

आप ने फिर पूछा कि किताबउल्लाह में सबसे अफजल आयत कौन सी है तब मैंने कहा कि अल्लाह हू ला इलाहा इल्ला हूवल ,तब आप रसु्लल्लाह ने मेरे सीने पर हाथ फेरा और कहा कि तुझे इल्म मुबारक हो। दोस्तों यह आयत बहुत ही अहम है। इसको आप बहुत कसरत से पढ़ने की कोशिश किया करें। इसी तरह अबू दाऊद की रिवायत है कि रसूल अल्लाह सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम मस्जिद ए नबवी से मुत्तासिर मुहाजरिन की एक रिहाईशगाह (मतलब एक जगह) थी उसमे सुबह आप तशरीफ लाए तो एक आदमी ने आप से पूछा कि या रसूल अल्लाह कुरान ए मजीद में सबसे अजमत वाली आयत कौन सी है आपने फरमाया की आयतल कुर्सी सबसे अज़मत वाली आयत है।

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सोने से पहले अतल कुर्सी पढ़ने वाले के लिए अल्लाह की तरफ से एक फरिश्ता मुकर्रर किया जाता है जो चोरी ,डाके और दीगर नुकसान से बचाव करता है और शैतान की हरकतें मसलन जादू,आसेब और उसके खौफ से भी हिफाजत करता है। एक और सही मुस्लिम की रिवायत है कि अबू हुरैरा रजि अल्लाहु अन को आप सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम ने खजूरों की जिम्मेदारी दी और आप भी वही थे रात को एक शख्स आकर खजूरें चुरा रहा था अबू हुरैरा ने उसे पकड़ा। जब आपने उससे सवाल पूछा तो उस आदमी ने कहा कि मेरे बीवी बच्चे बहुत भूखे हैं इसीलिए मैंने यह चोरी की मैं कल नहीं आऊंगा।

आपने उस पर भरोसा करके कहा कि ठीक है कल मत आना ।जब सुबह हुई तो अबू हुरैरा रजि अल्लाह अन ने आप सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम से सारी बात बताई कि एक शख्स आया था और उसने खजूरें चुराई मैंने उसे पकड़ा तो वह कहने लगा कि मेरे बीवी बच्चे भूखे हैं इसलिए मैंने ऐसा किया। अल्लाह के रसूल ने कहा कि वह आज फिर आएगा। अबू हुरैरा ने कहा कि अगर आज वह आया तो मैं उसे नहीं छोडूंगा। रात हुई तो आदमी फिर से आया और खजूरें चुराने लगा। अबु हुरैरा ने उसे पकड़ा और कहा कि आज तो तुम्हें रसूल अल्लाह के पास ले जाऊंगा।

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उस आदमी ने फिर से वही बात कही की बीवी बच्चे भूखे हैं और रोना रोने लगा ।उनको फिर से रहम आया और उन्होंने उसे जाने दिया सुबह हुई फिर अल्लाह के रसूल ने अबू हुरैरा से पूछा कि क्या हुआ तुम्हारे कैदी का? तब अबू हुरैरा ने कहा कि मैंने आज भी उसको छोड़ दिया लेकिन उसने फिर कहा है कि वह कल नहीं आएगा। तो आप रसूल अल्लाह ने कहा कि वह आज फिर आएगा।

अबू हुरैरा ने कहा कि आज मैं पूरा पहरा दूंगा और अगर आज भी वो नहीं माना तो उसे छोडूंगा नहीं। रात हुई और वह आदमी फिर से आया अबू हुरैरा ने उसे पकड़ा और कहा आज तो तुझे सरकार के सामने पेश करूंगा। तब उसने कहा कि मुझे जाने दो मैं तुम्हें एक ऐसी दुआ बताऊंगा जिसको पढ़ने से तुम्हारे माल की हिफाजत होगी ।आपने पूछा कि बताओ कौन सी दुआ है तब उसने फरमाया कि रात को सोने से पहले अयतल कुर्सी पढ़ा करो अल्लाह तुम्हारे सामान की हिफाजत करेगा। सुबह हुई आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूछा कि अबू हुरैरा कहां है तुम्हारा कैदी ,आपने कहा कि मैंने उसे छोड़ दिया।

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फिर से आप ने पूछा की क्यों छोड़ दिया तो मैंने जवाब दिया कि उसने मुझे एक दुआ सिखाई है जिससे मेरे माल की हिफाजत होगी आपने पूछा कौन सी दुआ तो उन्होंने कहा कि आयतल कुर्सी ।तब आप सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने पूछा कि क्या तुम्हें पता है कि तुम्हारे पास रोज जो आता था वह कौन है ?अबू हुरैरा ने कहा नहीं मुझे नहीं पता ।तब आप सल्लल्लाहो वाले वसल्लम ने फरमाया कि वह शैतान है लेकिन उसने यह बात सच कही है कि आयतल कुर्सी पढ़ने से तुम्हारे सामान की हिफाजत होगी।

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