बसपा ने गठबंधन तोड़ा लेकिन अखिलेश को मिला इस क़द्दावार नेता का साथ, ‘हम अखिलेश के साथ’

लखनऊ: समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच लोकसभा चुनाव से पहले बना गठबंधन चुनाव के अच्छे नतीजे न आने की वजह से बिखर गया. सपा और बसपा ने अब अपनी राहें जुदा कर ली हैं. वैसे ये कहा गया है कि गठबंधन फिलहाल 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में नहीं रहेगा और आगे रह सकता है. बसपा प्रमुख मायावती ने इस बारे में प्रेस वार्ता करके जानकारी दी थी जिसके बाद अखिलेश ने भी कहा था कि ये महज़ एक प्रयोग था.

अखिलेश ने कहा था कि वो विज्ञान के विद्यार्थी रहे हैं और इसलिए उन्हें प्रयोग करने से कभी परहेज़ नहीं रहा. आपको बता दें कि जब मायावती ने गठबंधन से अलग होने का फ़ैसला किया तभी ये चर्चाएँ भी शुरू हो गईं कि गठबंधन की तीसरी पार्टी रालोद भी सपा से अपना गठबंधन तोड़ सकती है लेकिन अब इन ख़बरों को विराम लगने का समय आ गया है.

पार्टी ने इस बारे में बड़ा बयान दिया है.रालोद ने बयान दिया कि ये जो ख़बरें आ रही हैं ये सब ग़लत हैं और सपा के साथ उनका गठबंधन था, है और रहेगा. रालोद के बयान के बाद सपा कार्यकर्ताओं में ख़ुशी महसूस की गई और ये माना जा रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी को एक सहयोगी अभी भी मिला हुआ है.

रालोद के इस बयान के बाद सपा को तो एक संभावना मिली ही है वहीँ कुछ और छोटे दल भी अभी से ही सपा के संपर्क में आने की कोशिश कर रहे हैं. वहीँ सपा ने फील्ड में काम करने को लेकर रणनीति बना ली है. बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव जल्द ही कुछ अहम् फ़ैसले ले सकते हैं. ये फ़ैसले किस तरह के होते हैं ये तो आने वाला समय बताएगा लेकिन इस समय इसकी चर्चा ज़ोरों से है कि अखिलेश जल्द ही कोई बड़ा क़दम उठाएंगे.

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