देवउठानी एकादशी 15 को, अब शुरू होंगे शुभ कार्य, जानें क्या क्या खास

Dev Uthani Ekadashi 2021 : त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद अब शादी-विवाह व अन्य शुभ कार्य शुरू होंगे। इस बार देवउठानी एकादशी 14 नवंबर को है। इसके बाद शुभ कार्य शुरू जो जाएंगे। इस दिन चार माह के बाद भगवान को जगाया जायेगा। भगवान को संध्या काल में वैदिक मंत्रों के द्वारा शंख बजाकर उठाने की परंपरा है।

जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउत्थान एकादशी मनाया जाता है। इसे देव प्रबोधिनी या देव उठावनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। सभी एकादशियों के व्रत में देवोत्थान एकादशी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि चातुर्मास में भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। जिनका शयन काल देवउठानी एकादशी के दिन समाप्त होता है। देवउठानी एकादशी पर माता तुलसी और भगवान शालिग्राम के विवाह का विधान है। इसके बाद से चतुर्मास से रुके हुए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि के मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाती है।

भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी की होगी पूजा

संकट मोचन दरबार के पंडित चंद्रशेखर झा ने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा होगी। उन्हें विभिन्न मौसमी फलों का भोग लगाया जायेगा। इस दिन तुलसी विवाह संपन्न कराया जाता है। कई लोग अपने-अपने घरों में भगवान शालिग्राम की पूजा कराते हैं और तुलसी के पौधे के पास गन्ना खड़ा किया जाता है। वहां अनाज में चावल, धान, जौ आदि भरा जाता है। मान्यता है ऐसा करने से घरों में अनाज की कमी नहीं होती है।

21 से शादी-विवाह शुरू

मिथिला पांचांग के अनुसार, शादी-विवाह का शुभ दिन 21 नवंबर से शुरू हो रहा है। बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर के पंडित विजयानंद शास्त्री ने बताया कि शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त 21 नवंबर से शुरू होगा। इस माह 22 व 29 नवंबर और दिसंबर में एक, दो, पांच, छह, आठ, नौ, 13 दिसंबर तक विवाह का शुभ मुहूर्त है। जबकि बनारसी पांचांग से 20 नवंबर, 22, 26 व 29 नवंबर, दिसंबर में एक, दो, पांच, सात, 12, 13 को विवाह का शुभ मुहूर्त है।

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