और’त किन दिनों में हमबिस्त’री करना लाज़मी चाहती है, ह’मबिस्तरी करने का तरीका…

दोस्तों सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह बरकातहू दोस्तों अल्लाह ताला ने मर्द और औ’रत दोनों को जिसमें चाहती है दोस्तो इससे मुराद हमबिस्तरी है अल्लाह ताला ने अगर मर्द में एक हिस्सा जिसमे चाहत रखा है तो वही और’त को नो हिस्सा जिसमे चाहत दिया है दोस्तों आपने देखा होगा कि मर्द में एक हिस्सा जिसमे चाहत होने के बावजूद वह हर वक़्त हमबिस्तरी के लिए तैयार रहता है औ’रतों में जिस्मी चौकत के रोहित से होने के बावजूद वह हमबिस्तरी करने का इजहार नहीं करती दोस्तों इस की क्यों हो जो है आइए आपको बताते हैं.

दोस्तों इसके अलावा महीने के कौन से दिन है जिसमें और’त खुद चाहती है अपने मर्द के पास जाना और हमबिस्तरी करना दोस्तों कुदरत ने मर्द और औ’रत में एक अजीब सी कशिश पैदा की है मर्द और’त के बगैर और औ’रत मर्द के बगैर नहीं रह सकती दोनों के दरमियान एक खास किस्म की कशिश पैदा हो जाती है एक खास किस्म का लगाओ पैदा हो जाता है मर्द और और’त की आपसी मिलाप को हमबिस्तरी कहते हैं लेकिन दोस्तों तजुर्बा के मुताबिक मर्द में जिसमे चाहत कम होती है और औ रत ने जिसमे चाहत ज्यादा होती है लेकिन औ रत अपने जिसमें सूरत का इजहार नहीं करती हो ही मर्द हर वक्त हमबिस्तर करने के लिए तैयार रहता है.

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दोस्तों इस की वजह औ’रत की शर्म और हाय होती है दोस्तों जहां कुदरत ने और’तों में जिस में चाहत ज्यादा रखी है वहीं उसने और’तों में शर्म और हया भी ज्यादा रखी है दोस्तों औ’रत की जीसमी चाहत का आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर कोई मर्द अपनी बीवी को छेड़ता है.

यह चिंता है तो वह अपने आप में नहीं रहती अगर उसकी जिसमी चाहत को ना पूरा किया जाए वो बेकरार हो जाती है यह सादे लोगों में यह कहने कि वो पागल हो जाती है दोस्तों ने लेकिन यह तभी होगा जब मर्द अपनी बीवी को छेड़ेगा लेगा या उसके साथ हमबिस्तरी करने की कोशिश करेगा.

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दोस्तों जैसे मर्द 24 घंटे हमबिस्तरी करने के लिए तैयार रहता है वैसे ही औ रत भी महीने के कुछ दिनों में हमबिस्तरी करने को तैयार रहती है महीने की वह कौन से दिन है आइए हम आपको बताते हैं हर जवान और त को महीने में एक बार ७ दिन के लिए हैज आता है दोस्तों इस दौरान औ रत की शर्मगाह से एक सुर्ख रंग का लिक्विड निकलता है जिसकी मैं खुद और आयाम की शुरू होने में ज्यादा होती है और जैसे-जैसे ये आयाम कम होता जाता है वैसे वैसे उसकी मेगदार भी कम होती जाती है और आयाम के खत्म होने के बाद औरत खुद चाहती है कि उसका मर्द उसके पास आकर हमबिस्तरी करें बाज औरतें अपने मर्द को बुलाती भी हैं इस अय्याम में.

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