बेटा होगा या बेटी ये कैसे पता लगता है? नबी करीम(स.अ.व्.) ने फ़रमाया…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आज हम आपको बताएंगे कि कैसे पता करें कि किसी औरत को बेटा होने वाला है या बेटी? मेरे भाइयों अल्लाह ने कुरान में फरमाया है कि तमाम आसमान और जमीन की सल्तनत अल्लाह के हाथ में है अल्लाह जो चाहे करता है जिसे चाहे बेटियां देता है जिसे चाहे बेटे देता है जिसे चाहे बेटे बेटियां दोनों देता है या किसी को बांझ बना सकता है और कोई औलाद नहीं देता ।यह सब कुछ अल्लाह की मर्जी से ही होता है.

दोस्तों लड़के हो या लड़कियां दोनों ही अल्लाह की नेमत है दुनिया इन दोनों से ही आगे बढ़ती है ।औरतें मर्द की मोहताज हैं और मर्द औरत के ।अल्लाह ने अपनी दुनिया में ऐसा निजाम बनाया है कि दोनों को एक दूसरे की जरूरत होती है किसी एक के बिना दुनिया आगे नहीं बढ़ सकती है.

google

ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनके घरों में लड़कों को ज्यादा अहमियत दी जाती है जिन्हें बेटों की ज़्यादा आरजू होती है ऐसे लोगों के घर अगर बेटा होता है तो लोग खुशियां मनाते हैं खुशी जाहिर करते हैं लेकिन अगर लड़की हो जाए तो यह लोग कोई खुशी जाहिर नहीं करते हैं। कई बार तो बेटी होने पर शौहर अपनी बीवी से झगड़ा तक कर लेते हैं यहां तक कि ससुराल वाले भी अपनी बहू से नाराज हो जाते हैं कि उसने लड़की को पैदा किया है.

यह सारी चीजें बहुत ही गलत है क्योंकि यह सब किसी के हाथ में नहीं होता है लड़का होगा या लड़की यह तय करने वाला सिर्फ अल्लाह है ।दोस्तों आज हम आपको बता रहे हैं बेटे और बेटियां कैसे होते हैं बेटे और बेटियों में क्या फर्क होता है। दोस्तों जिस बात को आज साइंस कहता है कि बेटे और बेटियों का होना X और Y क्रोमोसोम पर डिपेंड करता है इस बात को 14 साल पहले हमारे नबी ने बता दिया था.

google

दोस्तों इस दुनिया में जब कोई लेबोरेटरी टेस्ट नहीं हुआ करते थे तब यह इल्म अल्लाह ने हमारे नबी को अता फरमाया था कि लड़का या लड़की कैसे होते हैं। जिस वक्त यहूदियों ने इस्लाम कुबूल करने के लिए आप से सवाल पूछे थे उसमें से एक सवाल यह भी था कि औरत मर्द के पानी की क्या अहमियत है और क्यों कभी लड़का होता है और कभी लड़की?

हमारे प्यारे नबी जिनके पास सबसे ज़्यादा इल्म था और अल्लाह ने आपको जो अक्ल अता की थी वो दूसरे किसी इंसान को नहीं दी। उन्होंने बखुबी इस सवाल का जवाब दिया। यहूदियों के सवाल का जवाब देते हुए आप ने कहा कि मर्द का पानी गाढ़ा और सफेद होता है जबकि औरत का पानी पतला औऱ हल्का पीला होता है ।जब औरत का पानी मर्द के पानी पर गालिब आजाय तब लड़की होती है और जब मर्द का पानी औरत के पानी पर गालिब आजाय तो लड़का होता है ये बात सुन कर यहूदियों का सरदार आप पर ईमान ले आया और कलमा पढ़ने लगा.

One thought on “बेटा होगा या बेटी ये कैसे पता लगता है? नबी करीम(स.अ.व्.) ने फ़रमाया…”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *