बिल्ली के बारे में मुस्लिमो को दिया गया ये हुक्म,अगर इसका ख्याल नही किया फिर…

बिल्ली को अल्लाह ताला ने बहुत नरम और नाज़ुक पैदा किया है,आज के दौर में बिल्ली को नहूसत की अलामत समझा जाता है,काली बिल्ली से खौफ खाना चाहिए.कहा जाता है कि अगर काली बिल्ली घर में दाखिल हो जाये तो आप के लिए मुसीबत आ सकती है,वहीं यह भी कहा जाता है कि बिल्ली से दूर रहना चाहिए, जो गलत है.

बिल्ली को इस्लाम में पाक साफ कहा गया है और घरों में दाखिल होने की इजाजत दी गई,वहीं बिल्ली को खाना देने के लिए भी कहा गया है।बिल्ली के झूटे पानी को भी पाक माना जाता है।बिल्ली के बारे में कहा जाता है कि सर्दी के मौसम में बिल्ली ज़्यादा रोती है,गर्मी में कम रोती है.

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इसकी वजह यह बताया जाता है कि सर्दियों के मौसम में इन्सानों की तरह बिल्ली को भी ठंडी लगती है,इसलिए बिल्ली बहुत ज़्यादा रोती है.सर्दी के मौसम में घर में रह रही बिल्ली का खयाल रखा जाये। अल्लाह के रसूल सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बिल्ली पर रहम करने का हुक्म दिया है,वहीं अल्लाह के रसूल सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बिल्ली को मारने वाले को सज़ा का भी हुक्म सुनाया है।इसलिए हमेशा बिल्ली और दूसरे जानवरों के खाने पीने का ध्यान रखना चाहिए।
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हदीस शरीफ में आया है कि हज़रत अबदुल्लाह बिन उम्र रज़ी अल्लाह अन्ना से रिवायत है कि रसूल करीम सललल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया एक औरत को बिल्ली के सबब अज़ाब दिया गया।उसने बिल्ली को बांध कर रखा था और बांध कर रखने की वजह से वह बिल्ली मर गई।

इसी वजह से वह औरत जहन्नुम में दाख़िल की गई।जब इस औरत ने बिल्ली को बाँधा तो इस को खिलाया ना पिलाया और ना उस को कीड़े मकोड़े खाने के लिए आज़ाद किया।जिस की वजह से उसे अज़ाब दिया गया।

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