आज से बुध की चाल हुई उल्टी, इन पांच राशियों के लिए शुभ, जानें आपकी राशि पर होगा क्या प्रभाव

Budh vakri 27 september 2021: बुध ग्रह को सभी नौ ग्रहों में सबसे तेज माना जाता है. ये 25 दिन तक एक राशि में रहते हैं और फिर राशि परिवर्तन कर देते हैं. सूर्य, शुक्र और राहु ग्रह के अनुकूल बुध ग्रह कन्या और मिथुन राशि के स्वामी हैं. बुध हास्य और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है. 27 सितंबर 2021 दिन सोमवार को सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर बुध ग्रह तुला राशि में वक्री यानि उल्टी चाल शुरू कर चुके हैं. 18 अक्टूबर तक इसी स्थिति में रहेंगे. वहीं दो अक्टूबर को वक्री बुध कन्या राशि में वापस आएंगे और 18 अक्टूबर को कन्या राशि में मार्गी यानी सीधी चाल चलेंगे. ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि बुध का तुला राशि में गोचर और उल्टी चाल व कन्या राशि में बुध के मार्गी होने से सभी 12 राशियों पर इसका असर देखने को मिलेगा. हालांकि ये परिवर्तन पांच राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. आगे की स्लाइड में देखें आपकी राशि पर इस परिवर्तन का क्या असर होगा.

मेष (Aries) राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे घर का स्वामी है. यह आपके सातवें घर में वक्री अवस्था में होगा. सप्तम भाव विवाह और साझेदारी का भाव है इसलिए यह वैवाहिक जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव और अशांति लेकर आ सकता है. पति और पत्नी के बीच गलतफहमी भी पैदा कर सकता है. व्यापारिक साझेदारी और व्यापार में अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को लेकर आपको बहुत स्पष्ट होने की जरूरत है.

मेष (Arise)

वृषभ (Taurus) राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें घर का स्वामी है. वर्तमान में यह ग्रह आपके ऋण, शत्रु और दैनिक मजदूरी के छठे भाव में वक्री होगा. आपको बचत करने के लिए जोखिम लेने से बचना चाहिए, सट्टेबाजी से भी इस दौरान बचकर रहें. इस परिवर्तन से नुकसान होने की संभावना है. यदि निवेश करना आवश्यक हो तो स्थिति का गहराई से विश्लेषण अवश्य करें. माता-पिता को बच्चों के पोषण और शिक्षा में साथ देने का सुझाव दिया जाता है.

वृषभ (Taurus) राशि

मिथुन (Gemini) राशि के जातकों के लिए बुध पहले और चौथे घर का स्वामी है और प्यार, रोमांस और बच्चों के पांचवें भाव में यह वक्री होगा. इस दौरान बातचीत के दौरान गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं. माता के साथ आपके संबंध भी इस समय सुधरेंगे और यदि प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई मुद्दा आपको परेशान कर रहा था तो वह भी इस समय दूर हो सकता है. घर का माहौल अधिकतर समय अच्छा रहेगा.

मिथुन (Gemini) राशि

कर्क (Cancer) राशि के जातकों के लिए बुध तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी है. बुध वक्री आपकी माता, सुख आदि के चतुर्थ भाव में होगा. इस दौरान आप कुछ चुनौतियों का सामना कर सकते हैं, प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं और यह आसानी से हल भी नहीं होंगे. आपके आर्थिक पक्ष पर नजर डाली जाए तो आप अनचाहे खर्चों पर नियंत्रण कर पाएंगे साथ ही आपको धन लाभ होने की भी संभावना है.

कर्क (Cancer) राशि

सिंह (Leo) राशि के जातकों के लिए बुध उनके द्वितीय और एकादश भाव का स्वामी है. यह आपके तृतीय भाव में वक्री होगा. भाई-बहनों के साथ यदि कोई परेशानी थी, तो उसे दूर कर सकते हैं. इस दौरान आप यात्रा करने का विचार बना सकते हैं और यह आपकी उन्नति के लिए अच्छे होंगे. आपको निवेश करने से बचना चाहिए और यदि निवेश करना आवश्यक हो तो हर पक्ष पर नजर डालें और बहुत सावधानी से निवेश करें. इस राशि के नौकरी पेशा लोगों को प्रमोशन मिलने या सैलरी में वृद्धि मिल सकती है.

सिंह (Leo) राशि

कन्या (Virgo) राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें घर का स्वामी है. दसवां भाव करियर औऱ पेशे का जबकि पहला भाव आपकी आत्मा का कारक माना जाता है. बुध का वक्री आपके धन, संचार और परिवार के द्वितीय भाव में होगा. इस दौरान आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ कुछ मुद्दों का सामना कर सकते हैं, जिससे घर का माहौल बिगड़ सकता है. वक्री बुध की ऊर्जा का सही इस्तेमाल कर सकते हैं. इस अवधि के दौरान आपकों अचानक और अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है.

कन्या (Virgo) राशि

तुला (Libra) राशि के जातकों के लिए बुध नौवें और बारहवें भाव का स्वामी है. धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, आर्थिक रूप से, इस अवधि के दौरान आपके खर्च अधिक होंगे, इसलिए उचित सावधानी बरतें और देख परख के निवेश करें. स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो आप थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं.

तुला (Libra) राशि

वृश्चिक (Scorpio) राशि के जातकों के लिए, बुध आठवें और एकादश भाव का स्वामी है और यह खर्च, हांनि और मोक्ष के आपके द्वादश भाव में वक्री होगा. इस समय के दौरान पैसे का निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है. निवेश करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह लें. नौकरी में जातकों को अपने वरिष्ठों से उचित सहयोग मिलने की संभावना कम है, इसलिए उनके साथ संवाद करते समय सावधानी बरतें.

वृश्चिक (Scorpio) राशि

धनु (Sagittarius) राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव का स्वामी है और वर्तमान में यह ग्रह आपकी सफलता, लाभ आदि के एकादश भाव में वक्री होगा. ये परिवर्तन आपके लिए बहुत लाभदायक होगा, क्योंकि आपकी सामाजिक स्थिति इस दौरान सुधरेगी. आपको करियर में नए अवसर मिलेंगे और यदि आप व्यावसायिक साझेदारी में हैं तो यह अवधि आपको लाभान्वित करेगी.

धनु (Sagittarius) राशि

मकर (Capricornus) राशि के जातकों के लिए बुध छठे और नौवें भाव का स्वामी है और करियर, नाम और प्रसिद्धि के आपके दसवें घर में यह वक्री गति करेगा. इसलिए आपको अपने कार्यों या करियर के लक्ष्यों को पूरा करने में कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है. आपके अधीनस्थ आपके लिए बहुत सहायक होंगे और आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलेगा, जिसके परिणामस्वरूप कार्यस्थल पर आपकी दक्षता में वृद्धि होगी.

मकर (Capricornus) राशि

कुंभ (Aquarius) राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें और आठवें भाव का स्वामी है और आपके भाग्य, धर्म आदि के नौवें भाव में यह वक्री गति करेगा. आपके बच्चे इस दौरान प्रगति के पथ पर अग्रसर होंगे इसलिए आपको भी संतुष्टि महसूस होगी. ये परिवर्तन आपके रिश्ते और मित्रता को प्रभावित कर सकता है. इस दौरान गलतफहमियों के चलते झड़प होने की संभावना है, इसलिए सावधानी से आगे बढ़ें.

कुंभ (Aquarius) राशि

मीन (Pisces) राशि के जातकों के लिए बुध चौथे और सातवें घर का स्वामी है और यह आपके अष्टम भाव में वक्री गति करेगा. अष्टम भाव में बुध के वक्री के दौरान आपको कुछ अशुभ परिणाम मिलने की आशंका है. व्यावसायिक रूप से व्यापार और साझेदारी में कुछ मतभेद या लड़ाई-झगड़े होने की भी संभावना है, क्योंकि इस दौरान आप अपने साझेदार पर बहुत संदेह कर सकते हैं.

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