इस राज्य में है कांग्रेस की सरकार, आर्थिक मॉडल से PM मोदी भी हैरान, दुनिया भर में चर्चा…

Chhattisgarh’s Economy Model being discussed across the country Mr. Bhupesh Baghel

भले ही भारत आर्थिक मंदी के दौर से झूझ रहा है, लेकिन देश का एक राज्य ऐसा है, जो अपने आर्थिक मॉडल के कारण दुनियाभर में चर्चा में बना हुआ है, दरअसल छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के सीएम भूपेश बघेल के बनाए मॉडल से छत्तीसगढ़ में आर्थिक मंदी दूर-दूर तक नहीं हैं… बल्कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल से पीएम मोदी भी एक बार तो हैरान रह गए होंगे, क्योंकि देशभर में मंदी है और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था  वंदे भारत  ट्रेन की रफ्तार से दौड़ रही है… यह कैसे हो गया….

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ के 20वें स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव को सम्बोधित करते हुए कहा है कि राज्य सरकार की नीतियों से प्रदेश में उत्साह का माहौल बना है। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसे समावेशी विकास का है, जिसमें गांव, गरीब, किसान, अनुसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति और पिछड़े तबकों के लोगों को विकास का लाभ मिले। राज्य सरकार हर हाथ को काम देना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे देश में यह चर्चा का विषय है कि छत्तीसगढ़ देशव्यापी आर्थिक मंदी से अछूता है। छत्तीसगढ़ के आर्थिक मॉडल की चर्चा पूरे देश में है। इस उपलब्धि में राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के जन-जन की भागीदारी है। राज्य सरकार के ढाई हजार रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और कर्ज माफी का यह चमत्कार हुआ है कि खेती-किसानी छोड़ चुके डेढ़ लाख किसानों के कदम फिर अपने खेत-खलिहानों की तरफ बढ़े हैं, कृषि ऋण का आंकड़ा चार हजार करोड़ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति 2019-24 जनता को समर्पित करते हुए नीति की पुस्तिका का विमोचन किया।

श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऑटो मोबाइल से लेकर

कपड़ा और सराफा बाजार दीवाली पर चमके हैं। प्रदेश में शिक्षित बेरोजगारी की दर कम हुई है, भूमि पंजीयन का राजस्व डेढ़ गुना बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनता को समर्पित की गई नई औद्योगिक नीति वर्ष 2019-2024 से सर्वाधिक निवेश प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में आएगा। विकासखण्ड स्तर पर उद्योग स्थापना, कृषि और वन उत्पादों का प्रसंस्करण वाले उद्योगों को प्राथमिकता, तकनीकी और प्रदूषण मुक्त उद्योगों को प्राथमिकता इस नीति में दी गई है। सेवा क्षेत्र को भी प्राथमिकता में शामिल किया गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि छत्तीसगढ़ सभी क्षेत्रों का हब बनें। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी को बचाने का संकल्प लिया है। वन चरौदा के गोबर के दीये की रौशनी दिल्ली में भी बिखरी है। छत्तीसगढ़ का अंजोर दिल्ली तक पहुंचाने का प्रयास हमारी बहनों ने किया। हमने गांव में गौठान ही नहीं बनाए हैं, बल्कि इसे ग्रामीण छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र बनाने का प्रयास भी किया है। गौरा-गौरी उत्सव में जब मैं शामिल हुआ, मातर में जब मैंने नृत्य किया, आदिवासी भाईयों के साथ नृत्य में शामिल हुआ, बहनों के साथ जब सुआ नृत्य में शामिल हुआ, केवट भाईयों ने जब मुझे जाल से ढांपा तो उन्हें लगा कि हमारा छत्तीसगढ़ बना है। जब हमने उत्साह के साथ अपने परंपरागत हरेली, तीजा, पोरा, तीज-त्यौहारों को मनाना शुरू किया कि तो पूरे प्रदेश में उमंग और उत्साह का नया माहौल बना। यही उत्साह अपने छत्तीसगढ़ को अपनी मंजिल तक पहुंचाएगा।

Chief Minister Mr. Bhupesh Baghel
Chhattisgarh’s Economy Model being discussed across the country

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता की

समस्याओं को हल करने की व्यवस्था नवीन योजनाओं के माध्यम से की है। कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना प्रारंभ की गई है। इसके साथ सार्वभौम पीडीएस, हाट बाजार क्लिनिक योजना, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय जैसी योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मोर जमीन मोर मकान योजना के अंतर्गत अब तक 8 हजार मकान बने थे, पिछले 11 महीने में 40 हजार मकान बनाए गए हैं। डीएमएफ का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाने के प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने झीरम के शहीदों को भी याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास

केवल 19 साल पुराना नहीं है। जब छत्तीसगढ़ सीपी एण्ड बरार और मध्यप्रदेश का हिस्सा था, तब भी छत्तीसगढि़यों का दिल छत्तीसगढ़ के लिए धड़कता था। हमारे पुरखों डॉ. खूबचंद बघेल, पंडित सुन्दर लाल शर्मा, ठाकुर प्यारेलाल सिंह जैसी विभूतियों ने छत्तीसगढ़ के लिए जन-जागरण के साथ संघर्ष किया। डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा थे। आज के छत्तीसगढ़ का नक्शा उनके सपनों का नक्शा है। मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव के अवसर पर अमर शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर, शहीद गेंदसिंह का स्मरण किया।

संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत ने प्रदेशवासियों को

राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नव निर्माण के नूतन संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान-विज्ञान के साथ पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करने का प्रयास राज्य सरकार कर रही है। राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हस्तशिल्प, पर्यटन वैभव और गौरवशाली संस्कृति और समृद्धि की झलक देखने को मिलेगी। मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल ने स्वागत भाषण में तीन दिवसीय राज्योत्सव की रूप-रेखा की जानकारी दी। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह, महिला एवं बाल विकासमंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, विधायक श्री मोहन मरकाम सहित अनेक विधायक, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, महापौर श्री प्रमोद दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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