कर्णाटक में कांग्रेस ने चला ऐसा दाँव कि वापिस आए बा’ग़ी, भाजपा ने अपने विधायकों को..

कर्णाटक के सियासी नाटक में कल एक नया मोड़ आ गया है. कांग्रेस के बा’ग़ी विधायक एमटीबी नागराज ने अपने विधायक पद से इस्तीफ़ा वापिस ले लिया है. इसके बाद माना जा रहा है कि सुधाकर राव समेत कुछ और बा’ग़ी इस्तीफ़ा वापिस ले सकते हैं. इस बीच मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के उस बयान से हलचल पैदा हो गई है जिसमें उन्होंने सदन में बहुमत सिद्ध करने की पेशकश की है.

कुमारस्वामी के इस एलान से भाजपा भी दं’ग है. जहाँ पहले भाजपा इस बात पर अडिग थी कि कुमारस्वामी या तो इस्तीफ़ा दें या बहुमत सिद्ध करें वहीं अब भाजपा अपने विधायकों को अपने पाले में रखने की कोशिश में है. कांग्रेस दावा कर रही है कि भाजपा के कुछ विधायक उसके संपर्क में हैं और वोटिंग के समय हमें वोट करेंगे. वहीँ जेडीएस के नेता भी आश्वस्त नज़र आ रहे हैं.

असल में नागराज के बग़ावत छोड़ देने की वजह से स्थिति बदल गई है. माना जा रहा है कि अब कांग्रेस-जेडीएस ने अपनी पोज़ीशन बेहतर कर ली है.आपको बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार से एक मीटिंग के बाद ही नागराज ने बग़ावत छोड़ दी है. नागराज ने इस मीटिंग के बाद कहा कि कुछ परिस्थिति ऐसी थी कि हमने इस्तीफ़े दिए लेकिन अब डीके शिवकुमार और अन्य लोग हमसे मिलने आये और हमसे आग्रह किया है कि हम इस्तीफ़ा वापिस ले लें तो मैं के सुधाकर राव से भी बात करूँगा और उसके बाद फ़ैसला करूँगा कि क्या करना चाहिए..आख़िर हम दशकों से कांग्रेस में हैं.

वहीँ डीके शिवकुमार इस मुलाक़ात के बाद आश्वस्त दिखे. उन्होंने कहा कि हमें साथ जीना है और साथ ही म’रना है क्यूंकि हमने पार्टी को 40 साल दिए हैं. उन्होंने कहा कि परिवार में कुछ उतार चढ़ाव आते हैं..हमें सब भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए..मुझे ख़ुशी है कि नागराज ने भरोसा दिलाया है कि वो हमारे साथ रहेंगे.

इसके कुछ देर बाद ही नागराज कर्णाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्दरामैया से मिलने उनके आवास पहंचे. दूसरी ओर निर्दलीय विधायकों आर शंकर और एच नागेश जिन्होंने सरकार से समर्थन वापिस ले लिया है, उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया है कि उनके बैठने की व्यवस्था विपक्षी बेंच पर की जाए.

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