कांग्रेस विधायक के बयान से मचा ह’ड़कंप, अब इस राज्य में अपना CM बनाना चाहती है कांग्रेस?

नई दिल्ली: कर्णाटक में कांग्रेस-जेडीएस की सरकार इस समय मुश्किल के दौर में है. हालाँकि कांग्रेस और जेडीएस के नेता इस बात को नहीं मानते हैं. भाजपा के नेता जबकि इस बात को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कह रहे हैं की जल्द ही कांग्रेस और जेडीएस की सरकार गिर सकती है. इस बीच एक ऐसी खबर आई है जो जेडीएस और कांग्रेस के मध्य मतभेद उजागर कर सकती है.

कांग्रेस के हरिहरा से विधायक एस रामप्पा ने कर्णाटक कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह और रमेश जरकिहोली के इस्तीफ़ा दे देने के बाद बयान दिया. ऊन्होने कहा कि मैं किसी विधायक के इस्तीफे की वजह से चिंतित नहीं हूँ. उन्होंने कहा कि वो (एच डी कुमारस्वामी) मुख्यमंत्री रहेंगे या कोई और रहेगा लेकिन मुझे लगता है कि वो कंटिन्यू करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बदल सकते हैं लेकिन सरकार चलेगी.

वहीँ भाजपा नेता कांग्रेस नेताओं के इस्तीफे से ख़ुश हैं. उल्लेखनीय है की विजयनगर से कांग्रेस पार्टी के विधायक आनंद सिंह ने विधानसभा से इस्ती’फ़ा दे दिया है. उहोने कहा,”हाँ, मैंने इ’स्तीफा दे दिया है. मैंने आज सुबह इस्ती’फा दिया.” जब उनसे कहा गया कि विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने इस्तीफ़े की पुष्टि नहीं की है तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसी बात है तो वो फिर से इस्ती’फ़ा देंगे. विधानसभा अध्यक्ष ने किसी तरह का इ’स्तीफ़ा मिलने से इनकार किया है.

कुमार ने कहा, “मुझे कोई इस्ती’फा नहीं मिला है. किसी ने इ’स्तीफा देने के लिए मुझसे संपर्क नहीं किया है.” हालाँकि विधायक ने ये नहीं बताया कि इस बात का कारण क्या है. सिंह ने बताया कि वह राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात करेंगे और उनसे मुलाकात के बाद इस्तीफे का कारण बताएंगे. जद(से) नेता एवं मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी एक मंदिर की नींव रखने के कार्यक्रम के लिए अमेरिका में हैं.

वहीँ मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने ट्वीट किया,”स्वामीजी के तत्वावधान में न्यूजर्सी में कालभैरवेश्वर मंदिर की नींव रखी जा रही है. मैं यहां से पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा हूं. भाजपा सरकार को अस्थिर करने का दिवा-स्वप्न देख रही है.” सिंह ने जेएसडब्ल्यू स्टील को 3,667 एकड़ जमीन की बिक्री के खिलाफ हाल में बेल्लारी में एक संवाददाता सम्मेलन किया था.

उन्होंने कहा था कि जिले के हितों की रक्षा करना पार्टी से अधिक महत्वपूर्ण है और उन्होंने इस्ती’फा देने का संकेत दिया था. अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह भाजपा में शामिल होंगे. कांग्रेस में पिछले साल जब असंतोष चरम पर था तब सिंह एकांत में चले गए थे, लेकिन वह बाद में सामने आए थे और उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी वफादारी दिखाई थी.

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