महज़ 500 रुपये लेकर मुंबई में आए थे धीरूबाई अंबानी, कुछ ऐसे खड़ा किया खुद का बिजनेस एम्पायर !

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धीरूभाई अंबानी जिन्होंने

रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआ की थी बता दे की उनका पूरा नाम धीरजलाल हीराचंद अंबानी है उन्हों की तरह उनके दोनों बेटे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी भी एक बिजनेसमैन है वैसे बहुत ही कम लोगो को इस बारे में पता होगा की रिलायंस इंडस्ट्रीज की शुरुआत करने वाले धीरूभाई सिर्फ 10वीं तक पढ़े थे तो कैसे उन्होंने अपना सफर तय किया और इतनी बड़ी कंपनी बनाई और हम आपको उनकी ज़िन्दगी से जुडी कुछ बातो के बारे में बताने वाले है।

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धीरूभाई की शुरुआती सैलरी

300 रुपये थी पर सिर्फ मेहनत के बल पर वह इतने बड़े आदमी बन पाए थे।धीरूभाई अंबानी गुजरात के छोटे से गांव चोरवाड़ के रहने वाले थे आपको बता दे की धीरूभाई के पिता स्कूल में एक टीचर थे आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से उन्होंने 10 वी तक की पढ़ाई की और बाद में छोटे-मोटे काम शुरू किए।17 साल की उम्र में वह पैसे कमाने के लिए साल 1949 में वह अपने भाई रमणिकलाल के पास यमन गए।

धीरूभाई ने एक पेट्रोल पंप

पर 300 रुपये महीने सैलरी की नौकरी की बता दे की उस कंपनी का नाम था ‘ए. बेस्सी एंड कंपनी’. कंपनी ने धीरूभाई के काम को देखते हुए उन्हें फिलिंग स्टेशन में मैनेजर बनाया था पर कुछ सालो वह नौकरी करने के बाद धीरूभाई साल 1954 में देश वापस आ गए।घर वापसी के बाद 500 रुपये लेकर वह मुंबई चल दिए।

उन्होंने पहले चीज की जानकारी

हासिल की और उन्हें पता चला की भारत में पोलिस्टर की मांग सबसे ज्यादा है और विदेशों में भारतीय मसालों की और इस ही चीज ने उन्हें आइडिया दिया जिसके बाद उन्होंने कंपनी रिलायंस कॉमर्स कॉरपोरेशन की शुरुआत कर दी

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जहा पर भारत के मसाले विदेशों में और विदेश का पोलिस्टर भारत में बेचने की शुरुआत की थी।साल 2000 के आते आते वह भारत के सबसे अमीर आदमी बन चुके थे पर 6 जुलाई 2002 में उनका निधन हो गया था।

वैसे आपको बता दे की

धीरूभाई अंबानी कभी भी 10 घंटे से ज्यादा काम नहीं करते थे उन्होंने बताया था की ”जो भी यह कहता है कि वह 12 से 16 घंटे काम करता है. वह या तो झूठा है या फिर काम करने में काफी धीमा.” इसके साथ ही उन्हें पार्टी करना बिलकुल भी पसंद नहीं था वह अपने परिवार को भी समय देते रहते थे इसके साथ ही उन्हें ज्यादा ट्रेवल करना भी पसंद नहीं था।

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