दिवाली पर एक ही राशि में आ रहे 4 ग्रह, बन रहा सबसे बड़ा महासंयोग, जानें आपके लिए क्या

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार का खास महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती है. इस साल कार्तिक अमावस्या 04 नवंबर, गुरुवार को है. दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी का पूजन किया जाता है. लक्ष्मी पूजन के लिए इस साल चार ग्रहों के एक ही राशि में होने से शुभ योग बन रहा है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस शुभ योग में पूजन होने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा अपने भक्तों पर रहेगी. हिंदू धर्म का खास त्योहार है दिवाली. इस दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी का पूजन किया जाता है. लक्ष्मी पूजन के लिए इस साल चार ग्रहों के एक ही राशि में होने से शुभ योग बन रहा है.

चार ग्रहों की बन रही युति

ज्योतिषाचार्यों को मानना है कि दिवाली के दिन, धन की देवी लक्ष्मी जी की विशेष पूजा अर्चना की जानी चाहिए. वहीं 2021 में तो इस दिन एक साथ चार ग्रहों की युति बन रही है. दिवाली पर तुला राशि में सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा मौजूद रहेंगे.

अमावस्या तिथि कब से कब तक?

अमावस्या तिथि 04 नवंबर को सुबह 06 बजकर 03 मिनट से शुरू होकर 05 नवंबर को सुबह 02 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी. दिवाली पर लक्ष्मी पूजन मुहूर्त शाम 06 बजकर 09 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक है. पूजन अवधि 01 घंटे 55 मिनट की है.

इसलिए बन रहा शुभ योग

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं. लक्ष्मी जी की पूजा से शुक्र ग्रह की शुभता में वृद्धि होती है. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को लग्जरी लाइफ, सुख-सुविधाओं आदि का कारक माना गया है. वहीं सूर्य को ग्रहों का राजा, मंगल को ग्रहों का सेनापति और बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है. इसके साथ ही चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. वहीं सूर्य पिता तो चंद्रमा को माता कारक माना गया है.

दिवाली पूजा के शुभ मुहूर्त (Diwali 2021 shubh muhurat)

दिवाली: 4 नवंबर 2021, गुरुवार अमावस्या तिथि प्रारम्भ: 04 नवंबर 2021 को प्रात: 06:03 बजे से, अमावस्या तिथि समाप्त: 05 नवंबर 2021 को प्रात: 02:44 बजे तक, दिवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 6:09 मिनट से रात्रि 8:20 मिनट, पूजा की अवधि: 1 घंटे 55 मिनट

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