एक बेवा ख्वातीन ने फोन कर पूछा,जि’स्म की ज़रूरत कैसे पूरा करू, मौला’ना ने दिया बेहतरीन जवाब

मौलाना तारिक मसूद ने अपने एक बयान में एक बेवा औरत के उनको फ़ोन करने का ज़िक्र करते हुए कहाकि एक बेवा औरत ने उनको अपनी तन्हाई को दूर करने की ख्वाइश पर पूछा-वो कौन सा तरीका है जिसमे मैं जि’ना कर सकू और मेरे ऊपर गुनाह कम हो.मौलना तारिक मसूद ने इसके बाद बेवा औरत से कहाकि आप शादी कर ले बिना निकाह के कोई जायज़ तरीका नही है.

मौलाना तारिक ने बेवा को बताया सिर्फ जिस्मानी ज़रूरत को पूरा करने के लिए आप निकाह कर सकती है.इसलिए कम गुनाह वाला और ज्यादा गुनाह वाला जि-ना पर मश्किरा ना लेकर निकाह करिए.मौलाना तारिक मसूद ने इस वाकिये के बाद अपने ब्यान में कहाकि आजकल बेवा औरतों से निकाह करना गलत समझा जाने लगा है.

google

जिसकी वजह से बहुत सारी बुराइयां जन्म देती है.बेवा से निकाह ना करने की वजह से अक्सर वह गुनाह की तरफ चली जाती हैं.आज समाज में बहुत ऐसी बेवा औरतें हैं जो समाज की ठुकराई हुई हैं और उनसे कोई निकाह नहीं करना चाहता है.

ऐसी औरतें गुनाह कर बैठती हैं.जब उनकी फित्री ख्वाहिश जाहिर होती है उल्टे सीधे काम करने लगती हैं.जिस से उन्हें गुनाह मिलता है.इसलिए समाज को चाहिए बेवा औरत से निकाह करें.हमारे समाज में ऐसी बहुत सारी औरतें हैं जो बेसहारा है.उनके शौहर का इंतकाल हो गया है .और उनका कोई हालचाल पूछने वाला नहीं है.ऐसी औरतें अक्सर ज़ेहनी मरीज बन जाती है.

लेकिन समाज ने ऐसा मसला पैदा कर दिया है जिसकी वजह से उनकी शादी नहीं हो पाती है.अक्सर बेवा औरतें चाहे वो जवानी ही में क्यों ना बेवा हो जाएं.पूरी उम्र उनको अकेले गुजारने पड़ती हैं.कोई उन्हें अपनाने के लिए आगे नहीं बढ़ता है और वह दर बदर की ठोकरें खाती रहती हैं.बेवा औरत से निकाह करना अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम की सुन्नत है.

google

अल्लाह के रसूल ने सबसे जिससे किया वह बेवा थीं.और अल्लाह के रसूल से काफी ज्यादा उम्र की थीं.इसके बाद अल्लाह के रसूल ने जितनी शादियां की एक बीवी को छोड़कर सभी बेवा थीं.अल्लाह के रसूल ने इसीलिए बेवा से शादी की थी ताकि मेरी उम्मत बेवा औरतों से शादी करने को आगे आये.

लेकिन आज अल्लाह के रसूल की सुन्नत के खिलाफ मुस्लमान अमल कर रहे हैं और कहीं पर भी बेवा औरतों को अपनाने के लिए तैयार नहीं होते हैं.हमें चाहिए हम अल्लाह के रसूल की सुन्नत को अपनाएं और बेवा औरतों से निकाह करें ताकि वह बुराई से बचे रह सकें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *