गैर मज़हब के लड़कों और लड़कियों से रिश्ता रखना और शादी करना सही है या नहीं? जानिए कुरान की…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों ,दोस्तों बहुत सारे लोग यह सवाल करते हैं कि गैर मजहब के लड़के लड़कियों से रिश्ता रखने या बात करने या फिर शादी करने के बारे में कुरान में क्या हुक्म दिया गया है? तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि इस मसले पर कुरान क्या कहता है। दोस्तों आज के ज़माने में लड़के लड़कियों का आपस मे दोस्ती करना, फोन पर बात करना आम हो गया है यहां तक कि अब तो लोग गैर मज़हब के लड़के लड़कियों से भी बात करने और दोस्ती करने मे परहेज़ नहीं करते हैं.

दोस्तों सबसे पहले तो नामेहरम से बात करना या मिलना जुलना सख्त गुना है और अगर वह गैर मजहब के हो तो और भी बड़ी बात है। कई लड़के लड़कियां तो सब कुछ जानते हुए भी गैर मजहब के लड़के लड़कियों से रिश्ता रखते हैं यहां तक कि वह उनसे शादी करने के लिए भी राजी हो जाते हैं और पूछने पर कहते हैं कि दिल ही तो है। अब आप ही बताएं कि क्या आपका दिल कयामत के रोज आप को बचाने आएगा.

google

कई बार ऐसा होता है कि शादी के वक्त गैर मुस्लिम लड़के लड़कियां इस्लाम तो कुबूल कर लेते हैं लेकिन बाद में मुस्लिम लड़के लड़कियां अपना ही धर्म भूल जाते हैं ।ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने कुरान में कहा है कि जो इस्लाम के सिवा दूसरा दीन चाहेगा अल्लाह उसकी तौबा हरगिज़ कुबूल नहीं करेगा, कयामत के रोज़ वो ज़ियाकारियों में से एक होगा.

अल्लाह ऐसी कौम को हिदायत नहीं देगा जिन्होंने इस्लाम कुबूल करके उसे छोड़ दिया हो, जो कलमा पढ़ कर भी कफिर हो जाय। और ऐसा करने वालों पर अल्लाह लानत का तौक डाल देता है और अल्लाह ऐसे लोगों के ना आजाब कम करता है ना उन को मोहलत देता हैसूरह इमरान में ऐसे लोगों के बारे में कहा गया है कि ऐसे लोगों की तौबा हरगिज़ कबूल नहीं होगी जो पहले ईमान लाए और फिर कुफ्र की तरफ बढ़ गए और यही है वह बहके हुए लोग। उन पर खतरनाक अजाब होगा और उनका कोई यार नहीं होगा.

google

दोस्तों यह तो रही गैर मुस्लिम लड़के लड़कियों की बात ।इस्लाम में तो ऐसे लोगों से भी शादी से मना किया गया है जो मुसलमान होते हुए भी पूरी तरह से मुसलमान न हो यानी कि जो शिर्क करते हों। ऐसी लड़कियों से शादी तब तक ना करो जब तक कि वह पूरी तरह मुसलमान ना हो जाए। बेशक मुसलमान औरतें मुशरिक औरतों से बेहतर हैं। भले ही कोई मुशरिक लड़का बहुत खूबसूरत हो बहुत ही रईस हो तुम उससे निकाह ना करो क्योंकि ऐसा इंसान तुम्हें दोजक की तरफ ले जाएगा.

मुसलमान होने का मतलब है पूरी तरह से मुसलमान होना अल्लाह को एक मानना और अल्लाह के रसूल से मोहब्बत करना। बहुत सारी औरतें बेदीन हो चुकी है वे सीखो से शादी कर रही है, अंग्रेजों से शादी कर रही है ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने कुरान में कहा है कि अपनी लड़कियों का निकाह मुशरिक या का फिर से मत कराओ.

google

सबसे बड़ी बात तो यह है कि अगर कोई मुसलमान किसी मुशरिक या काफिर से निकाह करें तो उसका निकाह माना ही नहीं जाएगा क्योंकि अगर लड़का या लड़की में से कोई एक मुसलमान ना हो तो निकाह पूरा नहीं होता है ऐसी हालत में सिर्फ ज़िना होता है, तो दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आज आपको पता चल गया होगा कि गैर मजहब में शादी करना चाहिए या नहीं?

One thought on “गैर मज़हब के लड़कों और लड़कियों से रिश्ता रखना और शादी करना सही है या नहीं? जानिए कुरान की…”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *