गठबंधन की सीट फाइनल होने के बाद दोनों पार्टी के ये नेता हो सकते हैं बागी, कांग्रेस और भाजपा में…

लोकसभा चुनाव की तैयारियां हो चुकी है, समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी अपने गठबंधन को लेकर तैयार है ऐसे में सपा बसपा ने ऐलान कर दिया है कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा? गठबंधन के 41 दिनों बाद उन्होंने ऐलान कर दिया. गरुवार को दोनों पार्टियों ने 75 लोकसभा सीटो की लिस्ट जारी कर दिया है. इसमें 37 पर समाजवादी पार्टी और 38 पर बहुजन समाज पार्टी लड़ेगी. 3 सीटे रालोद के लिए और अमेठी रायबरेली की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी है. मुरादाबाद की सीटों पर दोनों में 3 3 सीटों पर सहमति हुई है.

दोनो पार्टियों के दावेदार दोनो के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं. समाजवादी पार्टी मुरादाबाद के बाद रामपुर और संभल से चुनाव लड़ेगी बसपा बिजनौर,अमरोहा के साथ साथ नगीना से चुनाव लड़ेगी, कुल मिलाकर मुरादाबाद में 6 लोकसभा सीटे है सब पर भाजपा विराजमान है, दोनों पार्टियों ने अभी तक अपने प्रत्याशी का नाम नही बताया है.

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लिस्ट मार्च के पहले हफ्ते में आने की संभावना है, अभी मुरादाबाद में जो लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की तरफ से दावेदार है उनमें डॉ एस टी हसन और पूर्व मंत्री कमाल हसन में ज़बरदस्त टक्कर है. रामपुर से आज़म खान चुनाव लड़ेंगे।संभल से पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान बर्क और राज्य सभा सांसद जावेद अली के इलावा समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल का नाम है.

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो इस सीट से लड़ेगी चुनाव-बसपा में अमरोहा से जियाउर्रहमान का नाम चर्चा में है,बिजनौर से इकबाल ठेकेदार और नगीना से गिरीश चन्द्र का नाम फाइनल है. बसपा और सपा के लिए पूर्व विधायक रुचि वीरा मुसीबत बन सकती है रुचि वीरा को सपा से निकाले जाने की बाद उनको बसपा में शामिल कर लोकसभा का उत्तराधिकारी बनाया गया फिर वहां से भी हटा दिया गया इसलिए कहा जा रहा है रूचि वीरा सपा बसपा को हराने में अपनी पूरी कोशिश लगा देगी इस तरह वह सपा बसपा के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

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इसके बाद बसपा के लिए बड़ी मुसीबत नगीना के गिरीश चन्द्र होसकते है जिसका अभी से पार्टी में विरोध शरू होगया है और मुरादाबाद में इनके विरोध में पोस्टर भी लगा दिए गए हैं।इस तरह बसपा को भी आने वाले लोकसभा चुनाव में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.
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समाजवादी पार्टी में भी मुश्किलें कम नही है क्योंकि संभल से डॉ बर्क चुनाव लड़ने के लिए तैयार है ऐसे में उनका टिकट काटना उनके साथ बगावत करना है. वह चुनाव ज़रूर लड़ेंगे चाहे उन्हें किसी और पार्टी से लड़ना पड़े, मुरादाबाद में भी दोनो दावेदार में टक्कर है लेकिन रामपुर से आज़म खान के खिलाफ कोई नही है इसलिए यहां कोई मुश्किल नही है, बाकी जो होगा वह तो आने वाला चुनाव ही बतायेगा.

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