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Jaya Kishori Ji : 21 साल की उम्र में यह खूबसूरत लड़की बन गई साध्वी, हकीकत जान कर रह जायेंगे दंग

बच्चे बचपन से ही सपने देखते है कि बड़े होकर उन्हें क्या बनना है जैसे अमूमन आप किसी बच्चे से पूछेंगे की वो बड़े होकर क्या बनना चाहते है तो आपको डॉक्टर , इंजीनियर , एक्टर , एक्ट्रेस , बिज़नेस मैन आदि जैसे जवाब मिलेंगे। पर आज जिस लड़की के बारे में हम आपको बता रहे है उन्होंने ऐसा कोई सपना नहीं देखा। बल्कि उन्होंने धर्म की राह चुनी। जी हाँ हम बात कर रहे है जया किशोरी जी Jaya Kishori की जो सिर्फ 21 साल की उम्र में साधु बन गयी और लोगों को धर्म का रास्ता दिखा रही है।

मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली जाए जया किशोरी Jaya Kishori जी को देखकर आप सोचेंगे की रंग रूप में इतना भाग्यवान होने के बावजूद ये सांसारिक सुखों के चक्कर में कैसे नहीं पड़ी। जिस उम्र में लड़कियां सुंदरता और अपने रूप रंग की वाहवाही सुनना चाहती है , मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया की तरफ भागती है वहीँ इन्होने सब कुछ पीछे छोड़ कर साधु बनना ही बेहतर समझा।

Jaya Kishori धर्म को समर्पित किया जीवन

जया किशोरी का जन्म तरह जुलाई 1996 को राजस्थान के सुजानगढ़ शहर में हुआ था। आपको जान कर ताज्जुब होगा कि जया किशोरी Jaya Kishori को बचपन से ही भगवान् में काफी आस्था थी। जवान उम्र में साधू बनना उनके लिए बेहद कड़ा फैसला रहा और पहले उनके घरवालों के अपनी बच्ची के फैसले को मानने में कठिनाई जताई पर फिर इसके बाद उन्होंने हाँ कर दिया। आज धर्म के क्षेत्र में जया किशोरी Jaya Kishori का नाम पुरे आदर से लिया जाता है और सिर्फ राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत में उन्हें आज सम्मान मिलता है।

अपने धार्मिक जीवन से कुछ समय निकाल कर बीकॉम की पढ़ाई भी कर रही है। आपको बता दें की जया किशोरी जी का मानना है की एक साधु को धार्मिक ज्ञान के साथ साथ शिक्षित होना भी बेहद जरुरी है। जब जया Jaya Kishori से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वो पढ़ाई इसलिए कर रही है, क्यूकि ज्ञान की वास्तव में कोई सीमा नहीं होती। जी हां जया का कहना है कि पढ़ाई उम्र भर हमारे काम आती है और ऐसे में जीवन में पढ़ना बहुत जरुरी है।

जया किशोरी के बारे में जानकारी

जया कोई साधु या संत नहीं हैं वे केवल एक साधारण स्त्री है| वे एक कथावाचक भजन गायिका है. जया किशोरी का जन्म राजस्थान के सुजानगढ़ गाँव में हुआ है वे एक गौड़ ब्रह्माण्ड परिवार में जन्मी है, जन्म के उपरांत ही बताया गया था की उनका जन्म चन्द्रवंश में हुआ है जो की बहुत ही किस्मत वालों को ऐसा अवसर प्राप्त होता है.जया ने कोलकाता के स्कूल महादेवी बिडला वर्ल्ड एकेडमी से स्कूली पढाई पूरी की है, जया किशोरी के घर में शुरू से ही भक्ति का माहौल रहा है. जब वे केवल 6 साल की थी तब से भगवान कृष्ण के लिए जन्माष्टमी पर विशेष पूजा करती थी और 6 साल की उम्र में ही भगवान के प्रति उनका लगाव इतना था की वे तभी से श्रीकृष्ण जी को अपना भाई बंधू मित्र सबकुछ मानने लगी.जया ने 9 साल की उम्र में संस्कृत में लिंगाष्ठ्कम, शिव तांडव स्त्रोतम, रामाष्ठ्कम आदि कई स्त्रोतों को गाना शुरू किया और आज 2018 में भी उनकी मधुर वाणी सुनने को मिल रही है.जब 10 साल की थी जया ने सुन्दरकाण्ड गाकर लाखों भक्तों के मन में दिलों में जगह बना ली| जया किशोरी अपने घर में भाई बहनों में सबसे बड़ी हैं उनकी एक छोटी बहन है.जया किशोरी जी के माता पिता को उन पर बहुत गर्व है| जया किशोरी से बहुत कुछ सिखने को मिलता हैं उनकी मधुर वाणी से कथा सुनने का आनंद ही कुछ और हैं.

जया किशोरी जी के पति – जया किशोरी की जीवनी

जया किशोरी जी की शादी अभी नहीं हुई है, जया किशोरी जी कभी नहीं चाहेंगी की वे कथा करना छोड़े और उनकी शादी में अभी बहुत समय है. जया किशोरी की कथा, जया किशोरी के भजन सुनने के लिए लाखों की मात्रा में भक्तगण आते हैं, जया किशोरी की वाणी बहुत मधुर हैं और जिस कारण उनकी कई एल्बम आयीं हैं और गीत जो की YouTube.com पर मिल जाएँगी.

बहुत ही कम उम्र में जया किशोरी जी ने दुनिया को ये दिखा दिया की भगवान कहीं न कहीं हमारे साथ हैं, जया किशोरी जी के घर में माता जी पिता जी, दादा जी, दादी जी, नाना-नानी जी हैं और उनके आशीर्वाद से आज जया पूरे भारत में भगवान का नाम, भगवान की आस्था बाँट रही हैं. पूज्य जया जी की उम्र बहुत ही कम हैं| जिस उम्र में किताब के पन्नो को पलटना चाहिए विद्यार्थी जीवन जीना चाहिए उस उम्र में जया ने भगवत गीता जी और अन्य नानी बाई का मायरो. नरसी का भात, जैसी कथाएँ दुनिया को सुनाई हैं.

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