जो बीवियां अपने शौहर को पास आने से रोकती हैं, नबी पाक(स.अ.व्.) का ये फरमान सुन लें…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों क्या आप जानते हैं कि जब कोई आदमी अपनी बीवी को बिस्तर पर बुलाता है और उसकी बीवी आने से इंकार कर देती है तो फरिश्ते रात भर उस औरत पर लानत भेजते हैं। आज हम आपको इस बारे में इसलिए बताने जा रहे हैं क्योंकि इस वजह से न जाने कितने घर उजड़ रहे हैं। औरत यह सोचती है कि अगर वह मर्द के पास नहीं जाएगी तो मर्द को उनकी कदर समझ में आएगी जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं होता है मर्द को औरत की यह हरकत बिल्कुल पसंद नहीं आती है.

औरत की इस हरकत से मर्द के दिल में ऐसी ऐसी गलतफहमियां जगह बना लेती हैं जिससे कि मर्द का दिल पूरी तरह से टूट जाता है और उन दोनों का रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है। दोस्तों एक बार मेरे दोस्त ने मुझसे कहा कि “जब मेरी शादी को कुछ हफ्ते हुए थे तकरीबन 7 से 8 हफ्ते ,तब तक मैं और मेरी बीवी बहुत खुश रहते थे और बहुत सुकून की जिंदगी गुजारते थे लेकिन जैसे ही 10 से 12 हफ्ते हुए और मैंने अपनी बीवी को अपने पास बुलाया तो मेरी बीवी मुंह बनाने लगी और उसने मेरे पास आने से इंकार कर दिया.

google

पहले तो मुझे लगा कि उसको कोई दिक्कत होगी या कोई परेशानी होगी जिसकी वजह से वह मुझे इंकार कर रही है फिर हम दोनों सो गए कुछ दिनों बाद जब मैंने फिर से उसे अपने पास बुलाया तो उसने फिर से मुझे इनकार कर दिया। उसने ऐसा रवैया अख्तियार किया कि मुझे अपने आप से शर्म आने लगी।जब 3 से 4 बार ऐसा हो गया तो मुझे अपनी इज़्ज़ाते नफ़्स घटती हुई नजर आने लगी। मैंने सोचा कि लाओ उससे पूछता हूं कि आखिर क्या वजह है ?मेरे पूछने पर उसने कहा कि बस अब मेरा मन नहीं होता है.

जरूरी नहीं है कि प्यार करने का सिर्फ एक यही तरीका है हम कोई और भी काम कर सकते हैं। आप मुझसे मोहब्बत करते हैं और मैं आप से मोहब्बत करती हूं और हम आपस में बातें भी तो करते हैं जरूरी तो नहीं है कि हम रात गुजार कर ही मोहब्बत का इजहार करें ।हम आपस में बातें भी तो करके मोहब्बत का इजहार कर सकते हैं। उसकी यह बातें सुनकर मैं आग बबूला हो गया लेकिन क्योंकि वह मेरी बीवी थी इसलिए मैंने कोई सख्त लहजा नहीं अपनाया। मैंने यह सारा मामला अपनी मां को बताया यह सब सुनकर मेरी मां ने कहा कि जब बात इतनी आगे बढ़ चुकी है तो तुम उस औरत को तलाक क्यों नहीं दे देते.

google

शादी को सिर्फ 10 से 12 हफ्ते हुए हैं और वह तुम्हारी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं है आगे वह क्या करेगी। मैंने अपनी मां की बातों को तो सुना लेकिन मुझे उनका तरीका मुनासिब नहीं लगा ।क्योंकि मेरी मां मेरे लिए फिक्र मंद थी इसलिए उन्होंने मुझे ऐसा मशवरा दिया। बाद में मेरी मां मेरे पास आई और उन्होंने कहा कि मैंने तुमसे जो कुछ भी कहा वह गुस्से में कहा ,तुम्हें अपनी बीवी को प्यार से समझाना चाहिए शायद वह इस बात को समझ ले”.

तो दोस्तों यह तो सिर्फ मेरे एक दोस्त की बात थी लेकिन आज हर औरत मर्द के बीच यही सब हो रहा है। किसी भी औरत को डराने धमकाने से बेहतर है कि उसको इस्लाम की मालूमात दी जाए. अगर औरत समझदार होगी तो वह इस्लाम में बताए गए तरीके पर ही चलेगी और उसको शोहर की अहमियत पता चलेगी. दोस्तों अगर कोई मर्द अपनी बीवी को हमबिस्तरी के लिए बुलाए और उसकी बीवी इंकार कर दे तो यह वाजिब है कि उसकी बीवी नाफरमान हुई, बीवी को चाहिए कि वह अपने शौहर का कहां माने ऐसा ना करने पर अगर शौहर नाराज हुआ तो पूरी रात फरिश्ते उस औरत पर लानत भेजते हैं और कुरान में लिखा है कि अगर बीवी से शोहर नाराज हैं तो समझो कि उस औरत से अल्लाह भी नाराज हो जाएगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *