छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर विशेष : प्रदेश में सभी को खाद्य सुरक्षा की गारंटी, भूख और कुपोषण से मुकाबला

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छत्तीसगढ़ में सरकार की पहली प्राथमिकता सभी लोगों को खाद्य सुरक्षा की गारंटी देकर भूख और कुपोषण से मुकाबला करना है। राज्य सरकार ने अपने जन घोषणा पत्र में किए गए घोषणा के अनुरूप राज्य के सभी परिवारों को हर महीने 35 किलो चावल देने का वचन पूरा किया है। राज्य के सभी परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने 02 अक्टूबर 2019 से सार्वभौम पीडीएस शुरू किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में प्रचलित 58 लाख राशनकार्ड में शामिल 2 करोड़ 1़6 लाख व्यक्तियों अर्थात् राज्य की 85 प्रतिशत् जनसंख्या को रियायती दर पर चावल का वितरण किया जा रहा है। सार्वभौम पीडीएस के लागू होने के उपरांत राज्य की 92 प्रतिशत जनसंख्या के पीडीएस से लाभान्वित होने का अनुमान है। वर्तमान में प्रचलित 58 लाख 56 हजार राशनकार्डों में नए सदस्यों के नाम जोड़ने का कार्य एक व्यापक अभियान के रूप में इस वर्ष राशनकार्ड नवीनीकरण के दौरान चलाया जा रहा है तथा अब तक 15 लाख नए सदस्यों के नाम राशनकार्ड में जोड़े जा चुके हैं।

सार्वभौम पीडीएस के तहत सामान्य परिवारों

को भी खाद्यान्न प्रदाय किया जावेगा। चाहे वह  आयकरदाता हो अथवा गैर आयकरदाता। सार्वभौम पीडीएस के क्रियान्वयन के लिए सामान्य एपीएल परिवारों का राशनकार्ड बनाया जा रहा है। एपीएल परिवारों के अब तक 8 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं इनमें से 5 लाख 38 लाख राशनकार्ड बनाए जा चुके हैं। इन राशनकार्डो में 17 लाख 16 हजार सदस्य शामिल है। एपीएल राशनकार्डों पर एक सदस्य वाले परिवार को प्रतिमाह 10 किलो, दो सदस्य वाले परिवार को प्रतिमाह 20 किलो तथा तीन या तीन से अधिक सदस्य वाले परिवारों को प्रतिमाह 35 किलो चावल 10 रूपए प्रति किलो की दर से उचित मूल्य के दुकानों से दिया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता वाले राशनकार्डों पर खाद्यान्न की पात्रता में वृद्धि की गई है। माह अगस्त 2019 से प्राथमिकता वाले राशनकार्डधारी एक सदस्य वाले परिवार को 10 किलो, 2 सदस्य वाले परिवार को 20 किलो, 3 से 5 सदस्य वाले परिवार हेतु 35 किलो तथा 5 से अधिक सदस्य वाले परिवार के लिए प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के लिए 7 किलो अतिरिक्त चावल दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर विशेष : प्रदेश में सभी को खाद्य सुरक्षा की गारंटी,  भूख और कुपोषण से मुकाबला
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर विशेष

भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2019 से अनुदान प्राप्त एवं निजी आश्रम – छात्रावास एवं कल्याणकारी संस्थाओं हेतु खाद्यान्न का आबंटन बंद कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा ऐसी 471 संस्थाओं पर आश्रित 43 हजार 640 हितग्राहियों को राज्य शासन द्वारा स्वयं के व्यय से चावल आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। इन अनुदान प्राप्त एवं निजी आश्रम-छात्रावास एवं कल्याणकारी संस्थाओं को अक्टूबर 2019 से खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। पूर्व में राज्य के ऐसे 12 लाख 90 हजार राशनकार्डधारी परिवार जिनके पास एलपीजी कनेक्शन है, उनकी केरोसिन पात्रता समाप्त कर दी गई थी, उन्हे भी अगस्त 2019 से केरोसिन का वितरण पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों एवं माडा क्षेत्र के अंत्योदय एवं प्राथमिकता परिवारों के भोजन में प्रोटीन की कमी पूरा करने के लिए रियायती दर 5 रूपये प्रतिकिलो की दर पर प्रतिमाह 2 किलो चना का वितरण अन्त्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारी परिवार को किया जा रहा है। प्रदेश के बस्तर संभाग के सभी जिलों के अन्त्योदय एवं प्राथमिकता वाले राशनकार्डों में शामिल सदस्यों को एनीमिया से बचाने के उद्देश्य से गुड़ वितरण किया जावेगा। ऐसे परिवारों को प्रतिमाह 02 किलो गुड़ का वितरण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। इन परिवारों को 17 रूपये प्रतिकिलो की दर पर गुड़ प्रदान किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा पीडीएस की राशन सामग्री के वितरण में पारदर्शिता तथा हितग्राही को अस्थायी प्रवास के दौरान राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा देने के लिए सभी उचित मूल्य दुकानों में पाईट ऑफ सेल उपकरण तथा आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन सामग्री के वितरण के लिए कार्यवाही की जा रही है जो आगामी वर्ष तक पूर्ण कर ली जाएगी।

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