अगर ख्वाब में सां’प दिख जाए तो क्या है इसकी ता’बीर, जान लो ये अहम मसला…

अस्सलाम वालेकुम प्यारे भाइयों और बहनों दोस्तों ख्वाब कौन नहीं देखता है हम सभी ख्वाब देखते हैं ।जब हम सो जाते हैं तो हम तखयूलात की एक ऐसी दुनिया में चले जाते हैं जहां हमें अजीबोगरीब नजारे देखने को मिलते हैं। ख्वाब में कभी हम जंगल में होते हैं ,तो कभी पानी का सफर कर रहे होते हैं ,कभी हम आसमानों में उड़ रहे होते हैं ,तो कभी हम खुशियां मना रहे होते हैं ,कभी कभार हमें ऐसे ख्वाब आते हैं कि हम अपने अज़ीज़ों के साथ एक अच्छा वक्त गुजार रहे होते हैं, तो कभी अपने खास लोगों को हम मुश्किल में देखते हैं ,और कभी हम खुद को ही मुश्किल में महसूस करते हैं.

दोस्तों ख्वाब इंसानी ज़हन और शऊर के लिए हमेशा एक पुरअसरार हैसियत रखते हैं। कभी-कभी ख्वाब आने वाले वाक्यात की पेशनगोई करते नजर आते हैं ,तो कभी ख्वाब माज़ी के तसलसुल होते हैं।कभी ख्वाब न असुदा ख्वाहिशात की तकमील का जरिया बन जाते है तो कभी ख्वाब बिछड़े अज़ीज़ों से मिलने का जरिया बन जाते हैं। साइंसी और नफसीयाती माहिरीन के हवाले से बहुत सारे नज़रियात पेश करते हैं मगर फिर भी ख्वाब देखने वाला जागते ही ख्वाब की ताबीर जानने का ख्वाहिशमंद होता है.

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दोस्तों ख्वाबों की ताबीर बताना भी एक हुनर होता है इसीलिए कहा जाता है कि अपने ख्वाब हर किसी के सामने बयान ना करें बल्कि सिर्फ उन लोगों के सामने बयान करें जो इसकी ताबीर बता सके और जो इसके बारे में इल्म रखते हैं। दोस्तों हम गलती यह करते हैं कि जैसे ही हम कोई ख्वाब देखते हैं हम हर किसी के सामने उसका जिक्र करने लगते हैं और हमें इस बारे में पता भी नहीं होता है कि हम जिसको अपना ख्वाब बता रहे हैं वह कितना इल्म रखता है हमारी यही बुरी आदत है कि हम मशवरे भी ऐसे लोगों से लेते हैं जिन को उसके बारे में कोई भी जानकारी नहीं होती है.

दोस्तों आज हम आपको यह बताने वाले हैं कि अगर आप अपने किसी मुर्दा अज़ीज़ को देख रहे हैं तो उसका मतलब क्या है और हमें फौरी तौर पर क्या काम कर लेना चाहिए। या अगर अपने ख्वाब में आप सांपों को देख रहे हैं तो और वह सब अपना रंग भी बदल रहे हैं तो उसका क्या मतलब है? मिसाल के तौर पर मेरे एक दोस्त ने मुझसे पूछा कि मैं अपने ख्वाब में सांप को देखता हूं और जब अगले दिन मैं उस सांप को देखता हूं तो वह अपना रंग तब्दील कर चुका होता है और जब कुछ दिन बाद मैं सांपों को अपने ख्वाब में फिर देखता हूं तो उसका रंग दुबारा से तब्दील हो चुका होता है मुझे बताओ कि इसका मतलब क्या होता है?

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दोस्तों आज हम आपको ऐसे ही ख्वाब के बारे में बताएंगे जो ऐसे ख्वाबों की वजह बनती है।आप अपने ख्वाब में मुर्दा अज़ीज़ों को क्यों देखते हैं? और आप अपने ख्वाबों में सांपों की मौजूदगी को क्यों देखते हैं? दोस्तों ख्वाब में अपने खास लोगों को देखने की अलग अलग ताबीरे हो सकती है उसमें सबसे अहम यह आप उन लोगों को किन हालात में देख रहे हैं?

अपने मरे हुए वालिद को ख्वाब में इस हालत में देखना कि वह बहुत खुश हाल है बहुत सारी दौलत मिलने नवीद होती है। जबकि अपनी मरी हुई मां को ख्वाब में खुश देखने की ताबीर यह होती है कि आपका नसीब अच्छा होगा और आपको कामयाबी मिलेगी अगर आप कोई नौकरी कर रहे हैं तो आपको तरक्की भी मिल सकती है अगर आपने कोई कारोबार शुरू किया है या कारोबार में आपको कोई परेशानी है तो यकीनन अब आपको कोई मुनाफा होगा.

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अगर आप किसी मुश्किल में है तो जरूर आपको आपकी मुश्किल से आजादी मिल जाएगी। दोस्तों मां-बाप हमारी जिंदगी में सबसे ज्यादा अहम होते हैं और हमें अपने बाप की तरबीयत और अपनी मां की दुआओं के बलबूते पर ही सब कुछ मिलता है। ख्वाब में अगर हम अपने मां बाप को देखते हैं जबकि वह इस दुनिया में ना हो तो इसका मतलब यह है कि बहुत बड़ा पैगाम है। अगर हम अपने बाप को ख्वाब में खुश देखते हैं तो इसका मतलब यही है कि हमें कामयाबी मिलेगी हमारी जिंदगी में खुशहाली आ जाएगी और अगर हमारे मासी हालात तंग है तो हमारे हालात भी ठीक हो जाएंगे.

अगर हमने किसी अपने को परेशान हाल में देखा तो इसका मतलब यह है कि हमें उस अजीज की जानिब से सदका खैरात करना चाहिए उसकी मगफिरत के लिए दुआ करनी चाहिए। ख्वाब में अपने आप को किसी मुर्दा अजीज के साथ बेतकल्लुफ देखने का मतलब यह है कि आपकी उम्र तावील होगी आप ज्यादा अच्छा जीएंगें। कसरत से ख्वाब में लाशें या मुर्दा देखना शैतानी वसवसा भी हो सकता है.

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इसीलिए कोशिश करना चाहिए कि रोजाना ईशा की नमाज जरूर पढ़ें और नमाज के तुरंत बाद सो जाए। सोने से पहले आयतल कुर्सी और चारों कुल जरूर पढ़ना चाहिए ऐसा करने से आप बुरे ख्वाबों और शैतानी वसवसों से भी बच जाते हैं. दोस्तों कई बार ऐसा होता है कि जब हम अपनी आंखें बंद करते हैं तो हमें लगता है कि किसी चीज में हमें कस के जकड़ लिया है. इसकी दो वजह हो सकती है एक साइंसी पहलू है और एक दिनी पहलू है। वैज्ञानी पहलू यह है कि अक्सर आप सीधे होकर सोते हैं और आपके हाथ आपके सीने पर होते हैं आपके हाथों के आपके सीने पर होने की वजह से आप पर दबाव पड़ता है और आपको ऐसा लगता है कि आपकी सांसे रुक गई है.

इसका रूहानी पहलू यह है कि जब आप सीधे हो कर लेटते हैं तो बहुत ही आसमानी चीजें आपके सीने में दाखिल होने की कोशिश करते हैं लेकिन क्योंकि आपके सीने में कलमा है ला इलाहा इल्लल्लाह मोहम्मद उर रसूल अल्लाह ।इस वजह से वह आसमानी चीजें आपके सीने में दाखिल नहीं हो पाती हैं.

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