मां की ममता के आगे यमराज भी हुए लाचार, मर कर फिर जिंदा हुआ बेटा 😱😱 तस्वीरे 👇

माँ का प्यार एक अनोखा और अद्भुत अनुभव होता है, जो एक महिला अपने बच्चें को बिना शर्तो के करती हैं। माँ के अनेक रुप होते है, कभी रक्षक बनकर संभालती है, तो कभी अनुशासक बनकर सही रास्ता दिखाती है। माँ बनना एक महिला के सौभाग्य की बात होती है, जिसका हर औरत बेसब्री से इंतजार करती है, पर जब उसी संतान पे एक आंच आ जाए तो घबरा जाती हैं। और जब उस माँ के बच्चें की जिंदगी के ऊपर बात आ जाए तो सबसे लड़ जाति है, उनके सामने यमराज ही क्यों न हो। हम ऐसी ही एक माँ के बारे में बताने जा रहे हो,जिसने अपने बच्चें की जिंदगी के लिए यमराज तक से लड़ गई, और मौत के मुंह से बाहर ले आई।

एक चमत्कार आधुनिक विज्ञान से भी बड़ा

हम बात कर रहें है, हरियाणा के बहादुरगढ़ जिले की एक परिवार के बारे में। जहां हितेश और जानवी दंपति ने अपने सारी उम्मीद छोड़ दी थी, जब डॉक्टरों ने उनके बेटे को मृत घोषित कर दिया था। पर एक माँ को यह बात स्वीकार नहीं थी, कैसे अपने जिगर के टुकड़े को अपने आंखो के सामने मरता देखना। वह रोती रही बिलखती रही, और आखिर में ऐसा कुछ हुआ जो आधुनिक विज्ञान से भी बड़ा चमत्कार था, उस बच्चे में हलचल दिखी, और अब वह बच्चा स्वस्थ हैं।

जब यमराज को माँ के सामने घुटने टेकना पड़ गया

जब एक परिवार के छोटे बेटे के टायफाइड की बीमारी ने उस परिवार को इतनी बड़ी चुनौती का सामना करा दी। यह घटना एक बच्चे की टाइफाइड की बीमारी से शुरू हुआ, पर इस बीमारी ने उस बच्चें की जिंदगी दाव पर लगा दी। जब सारे डॉक्टरों ने हर मान ली थी, और परिवार को भी कोई राह नहीं दिख रही थी। तब एक माँ की प्रार्थना और पीड़ा देख कर यमराज को घुटने टटेकना पड़ गया, और अपना फैसला बदलना पढ़ गया। और आखिरकार एक माँ ने अपने बच्चें को मौत के मुंह से बाहर निकाल लाई।

जब एक रात ने सारा निर्णय बदला

जब डॉक्टरों को बच्चें के बचने के कोई आसार नहीं दिख रहे थे, और डॉक्टरों ने दिल्ली ले जाने को बोल दिया था, और वहां पर बच्चें को मृत घोषित कर दिया गया था। तब सारे परिवार हार मानते हुए, अपने मृत बच्चे के अंतिम संस्कार के घर लेकर आए। रात का समय होने के कारण अंतिम संस्कार न हो पाया, पर एक माँ को अभी भी नागुजर अपने बच्चें को मरते देखना। और वह माँ रोती रही बिलखती रही, और आखिर में एक चमत्कार हुआ, अचानक एक हलचल नजर आई। उसके बाद बच्चें को नजदीकी डॉक्टर के पास ले गए, और अब वह बच्चा स्वस्थ घर में वापस आ गया, जो एक चमत्कार से कम नहीं था।

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