शिवसेना को हरा’ने के लिए ओवैसी ने अपने उम्मी’दवा’र को बिठाया, इस सीट पर अब हुई…

महाराष्ट्र विधानसभा सीट कलवा मुंब्रा से ऑल इंडिया मज’लि’स इत्ते’हादु’ल मु’स्लिमी’न के उ’म्मी’दवार बरकतुल्लाह के नामांकन वापस लेने से स्थानीय एआईएमआईएम खेमे में मा’यूसी का माहौल बना हुआ है। खबर के मुताबिक पार्टी नेता बरकतउल्ला भूमिगत बताए जा रहे हैं और पार्टी ने उनकी सदस्यता भी ख’त्म कर दी है।

इसी बीच खबर सामने आ रही है कि एआई एम आई एम की तरफ से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार पूर्व आईएएस अधिकारी डॉक्टर अबू फैजी को समर्थन देने की बात की जा रही है। सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों शोरों से बनी हुई है कि एआईएमआईएम उम्मीदवार बरकतुल्लाह ने एनसीपी के इशारे पर अपना नामां’कन वापस लिया है।

वहीं एनसीपी द्वारा इस बात को खा’रिज कर दिया गया है। इस सीट से लगातार दो बार विधायक रह चुके एनसीपी के जितेंद्र आव्हाड का मु’का’बला अब सीधे तौर पर शिवसेना की दीपाली सय्यद जहांगीर से होने वाला है।

आपको बता दें कि इस विधानसभा क्षेत्र कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। खास बात यह है कि बरकतुल्लाह ने अपने नामांकन में 144 कल्याण ग्रामीण विधानसभा सीट से नामांकन की खबरें चर्चा में चल रही थी, फिर भी उनका नामांकन खारिज नहीं हुआ था। लेकिन सोमवार को उन्होंने नाम वापस ले लिया।

बीते कुछ वक़्त से ही एआईएम्आईएम् की तरफ से जितेंद्र आव्हाड को घे’रने की कोशिश की जा रही थी। एक समय आव्हाड के कट्टर समर्थक रहे ठाणे मनपा के पूर्व नगरसेवक रौफ लाला मुंब्रा में एआईएमआईएम के प्रमुख हैं और अब आव्हाड के वि’रो’धी हैं। बरकतुल्लाह की उ’म्मी’दवा’री से रौफलाला को आव्हाड की मु’श्कि’ल बढ़ने की उम्मीद थी। गु’स्सा’ए लाला का कहना है कि उन्हें शुरू से ही बरकतुल्लाह पर सं’दे’ह था।

आपको बता दें कि रौफ लाला ने बरकतुल्लाह के मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर संदे’ह जाहिर किया है। जब इस मामले में एआईएमआईएम के राज्य प्रमुख इम्तियाज जलील से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ‘ठाणे तथा मुंबई के उम्मीदवारों के चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं है’।

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