ममता के किले को भेदने में नाकाम हुई भाजपा, सिर्फ़ इतनी सीटें ही जीतने का अनुमान…

पिछले चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर ही बहुमत हासिल कर लिया था, इसका कारण ये था कि तब भाजपा को उत्तर प्रदेश में 71 सीटें मिली थीं जबकि सपा को महज़ 5 और कांग्रेस को 2 सीटें. सबसे चौंकाने वाली स्थिति तो ये थी कि बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी. यही वजह थी कि भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता के शिखर पर पहुंची लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश की स्थिति बिलकुल अलग रहने वाली है.. यहाँ सपा-बसपा-रालोद साथ हैं और इस वजह से भाजपा के लिए राज्य में बहुत अच्छा प्रदर्शन करना मुश्किल है.

भाजपा इसी कारण पश्चिम बंगाल के ऊपर निगाहें लगाए है. भाजपा को लगता है कि वो यहाँ अधिक सीटें लेकर आएगी जिससे कि उसके उत्तर प्रदेश में होने वाले नुक़सान की भरपाई हो जायेगी. पश्चिम बंगाल में कुल 42 संसदीय सीटें हैं. पिछले लोकसभा चुनाव ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने यहाँ सबसे अधिक 34 सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस को 4 सीटों पर कामयाबी हासिल हुई थी. इसके अलावा सीपीएम को 2 सीटें और पहली बार भाजपा का भी खाता खुल गया था.

भाजपा तब यहाँ से एक सीट जीती थी लेकिन पिछले पाँच वर्षों में भाजपा यहाँ तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देती नज़र आ रही है.भाजपा को लगता है कि वो यहाँ अच्छी सीटें जीतेगी लेकिन हमने जो जानकारों से बात की उसके आधार पर जो अनुमान सामने आये हैं वो कुछ अलग ही हैं. जानकार मानते हैं कि भाजपा का वोट प्रतिशत इस बार पहले की तुलना में बढ़ेगा लेकिन ये बहुत अधिक सीटों में फ़र्क नहीं डाल सकेगा.

इस बार जो अनुमान लगाये जा रहे हैं उसके मुताबिक़ तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर यहाँ सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरेगी. तृणमूल कांग्रेस इस बार यहाँ से 35 से 40 सीटें जीत सकती है जबकि भाजपा यहाँ 2 से 4 सीटें जीत सकती है. लेफ़्ट को यहाँ 0 से 2 सीटें मिल सकती हैं जबकि कांग्रेस भी एक सीट जीत सकती है. अगर ये अनुमान सही साबित होता है तो इसका अर्थ है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में कोई करिश्मा नहीं करने जा रही है और यहाँ तृणमूल कांग्रेस ही मज़बूत बनकर उभर रही है.

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