ममता की इस रणनीति से भाजपा में ख़लबली, NDA के घटक दल में भी..

लोकसभा चुनाव के समाप्त होने के बाद जहां भाजपा और उसके सहयोगियों में जश्न का माहौल है वहीँ भाजपा के कुछ सहयोगी बहुत ख़ुश नहीं नज़र आ रहे हैं. इस तरह की ख़बरें आ रही हैं कि बिहार की सत्तारूढ़ जदयू भी इस समय भाजपा से पूरी तरह ख़ुश नहीं है. जदयू के कई नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं जो भाजपा को पसंद नहीं आ रहे हैं वहीँ भाजपा के नेता भी इस तरह के बयान देने में पीछे नहीं हैं.

हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने एक बयान दिया था. गिरिराज सिंह ने ट्विटर पर भाजपा और जदयू के नेताओं के द्वारा इफ़्तार पार्टी में शामिल होने पर ऐतराज़ जताया था. इसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गिरिराज सिंह को फ़ोन करके उन्हें इस तरह के बयान न देने की हिदायत दी थी. परन्तु इन सब बातों से ये तो ज़ाहिर हो गया है कि भाजपा और जदयू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है.

इस बीच ऐसी ख़बर आ रही है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी जदयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से बात की है. ख़बरें ये हैं कि प्रशांत किशोर ममता बनर्जी के लिए आने वाले विधानसभा चुनाव में रणनीति बनायेंगे. इन ख़बरों से जदयू और भाजपा के रिश्तों में और खटास आने की उम्मीद है. हालाँकि जदयू के नेता कह रहे हैं कि प्रशांत किशोर का ये अपना काम है और वो इस तरह का कोई फ़ैसला लेते हैं तो पार्टी का इसमें कोई रोल नहीं होगा.

आपको बता दें कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच तल्ख़ चुनाव प्रचार देखने को मिला. पश्चिम बंगाल में भयं’कर हिं’सा भी देखने को मिली. इसके बाद अगर जदयू का कोई नेता तृणमूल कांग्रेस के लिए काम करने जा रहा है तो कहीं न कहीं ये भाजपा के लिए संकेत भी है. जदयू के नेता भी जिस तरह के बयान इस मुद्दे पर दे रहे हैं वो भी इस तरह का इशारा कर रहे हैं कि अगले बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा और जदयू अलग-अलग होकर चुनाव में उतर सकते हैं.

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