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भेड़ चराने वाले चरवाहे को मिला करोड़ों का कीमती पत्थर, इंसानियत के लिए दान किया

हमें किसी भी इंसान के गरीबी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए क्योंकि कब, किसकी और कैसे किस्मत पलट जाए किसी को अंदाजा भी नहीं होता। हम ऐसे ही एक इंसान के बारे में बताने वाले हैं जो रातो रात करोड़पति बन गया। हालांकि उसकी दरियादिली की वजह से पहले की तरह अपने हाथ खाली ही रखें।

कहते हैं किसी की गरीबी का मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए. वक्त ने अपनी मुट्ठी में क्या बंद के रखा है आप पहले से बता नहीं सकते. कौन जाने किस पल किस्मत पल्ट जाए और पैसे पैसे को तरस रहा गरीब भी करोड़पति बन जाए. जैसे कि ये भेड़ चराने वाला एक चरवाहा रातों रात करोड़पति बन गया. जी हां किस्मत ने यूके के एक चरवाहे को रातों रात करोड़पति बना दिया. हालांकि उनकी दरियादिली की वजह से उसके हाथ पहले की तरह खाली ही रह गए. तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये मामला क्या था.

कोरोड़ों की चीज कर दी दान

इसी साल फरवरी महीने में यूके के कॉट्सवोल्ड्स के ग्रामीण इलाके में एक चरवाहे की अचानक से किस्मत बदल गई. दरअसल, भेड़ चराने वाले इस शख्स को एक दिन अचानक ही उल्कापिंड के दो छोटे टुकड़े मिल गए. इन दो टुकड़ों की कीमत करोड़ रुपए बताई जा रही है. लेकिन चरवाहे की नेकदिली ने उसके हाथ करोड़ों रुपये नहीं लगने दिए. उसने ये बेशकीमती टुकड़े म्यूजियम में दानस्वरूप दे दिए. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन 4 बिलियन साल पुराने इन उल्कापिंड के टुकड़ों की मदद द्वारा इस रहस्य से पर्दा उठाया जा सकता है कि अंतरिक्ष में जीवन की कितनी संभावना है.

चरवाहे ने ना कीमत ली ना इनाम लिया

खबरों के मुताबिक इसी साल फरवरी में ये पत्थर यूके के एक गांव में गिरे थे. पत्थरों के गिरने की आवाज़ इतनी तेज थी कि अपने घर में बैठे चरवाहे ने इसे साफ साफ सुन लिया. इस अजीब सी आवाज को सुन कर जब वह मैदान में पहुंचा तो उसने देखा कि वहां एक पत्थर पड़ा हुआ था, बाद में इस पत्थर से मितले जुलते कई टुकड़े आसपास पाए गए. ये पत्थर 57 वर्षीय विक्टोरिया बांड के फार्महाउस में पाए गए थे. जैसे ही पत्थरों के गिरने की खबर फैली वैसे ही यहां वैज्ञानिकों का आना जाना शुरू हो गया. बांड ने बताया कि पत्थर गिरने के बाद करीब पांच से सात वैज्ञानिक उनके घर पहुंचे थे. चरवाहे को पत्थर के बदले एक करोड़ रुपए देने की पेशकश की गई, इसके अलावा उसे ऑनलाइन भी कई ऐसे ऑफर मिले लेकिन उसने सबको मना कर दिया. जब चरवाहे को इस बात की जानकारी हुई कि ये उल्कापिंड स्पेस की अहम जानकारी दे सकता है, तब उसने इसके बदले पैसे लेने से मना कर दिया और इसे दान में दे दिया.

30 सालों में पहली बार

आम से पत्थरों जैसा ही दिखने वाला ये पत्थर बेहद बेशकीमती है. अब तैयारी है कि इसे 17 मई से नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में आम जनता के लिए सार्वजनिक कर दिया जाए. म्यूजियम इस पत्थर को छोटे छोटे टुकड़ों में रखेगा. अंतरिक्ष से गिरे इस अनोखे पत्थर का नाम विंचकॉम्ब मीटिऑराइट (Winchcombe meteorite) रखा गया है. इस दुर्लभ उल्कापिंड को कार्बनेशियस कोंड्राईट का एक प्रकार बताया जा रहा है. बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि बीते 30 सालों में यूके में मिला ये पहला पत्थर है. आसमान से नारंगी और हरे रंग के आग के गोले की तरह गिरता ये उल्कापिंड सिक्युरिटी कैमरे में कैद हुआ था.

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