हाथ जोड़ बिलखते हुए अपने पति के लिए इंसाफ की मांग, रुला देगा मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी का ये Video

कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर में हुई मौत का मामला तूल पकड़ने लगा है. इस मामले से उत्‍तर प्रदेश पुलिस की छवि बिगड़ रही है. आरोप है कि यूपी पुलिस की वजह से एक महिला ने अपने पति को खो दिया, एक मासूम बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया और एक हंसता खेलता परिवार तबाह हो गया. आरोप है कि गोरखपुर के एक होटल में पुलिस की मारपीट से कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत हो गई.

गोरखपुर से कानपुर तक और क्राइम सीन से मृतक मनीष गुप्ता के घर तक पीड़ित परिवार ने एक ही गुहार लगाई. एक कारोबारी के साथ गोरखपुर पुलिस ने जो किया उसका पूरा-पूरा हिसाब हो. परिवार को पूरा इंसाफ मिले. कलेजे को चाक करने वाली मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी की इस गुहार के बाद ना सिर्फ कानपुर और गोरखपुर बल्कि लखनऊ तक हलचल मची. पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री कार्यलय तक एक्टिव हुआ. क्योंकि आरोप लगा कि होटल के एक कमरे में पुलिस की मारपीट से मनीष की मौत हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी खुद एक्शन में आए.

‘किसी भी दागदार पुलिसवाले की अहम जगह नहीं होगी पोस्टिंग’

सीएम योगी ने दोषी पाए जाने पर पुलिसवालों की बर्खास्तगी के आदेश दिए हैं. साथ ही कहा कि किसी भी दागदार पुलिसवाले की अहम जगह पोस्टिंग नहीं होगी. इस आदेश के बाद कानपुर दौरे पर सीएम योगी ने मृतक मनीष की पत्नी मीनाक्षी से मुलाकात की और उन्हें इंसाफ दिलाने का पूरा भरोसा दिया.


सीएम योगी से मुलाकात में मीनाक्षी की मांग थी कि सरकार मामले की सीबीआई से जांच कराए, दोषियों पर कार्रवाई हो, उनके बेटे की पढ़ाई का खर्चा उठाए और सरकारी नौकरी देने का वादा करे. कानपुर पुलिस लाइन में हुई मुलाकात में सीएम ने हर मांग पर सहमति जताई.

हालांकि इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब मनीष की मौत पर गोरखपुर का पुलिस महकमा एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करने लगा. एक वीडियो भी सामने आया. इस वीडियो में गोरखपुर के डीएम और एसएसपी उनके परिवार को किसी भी हाल में केस न दर्ज कराने की सलाह देते नजर आए. इसमें मीनाक्षी 4 साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा से पति की मौत का इंसाफ मांग रही हैं.

मीनाक्षी ने की नौकरी से हटाए जाने की मांग

अधिकारी एक तरफ मीनाक्षी से मुकदमा ना दर्ज कराने की बात कह रहे हैं. वहीं मीनाक्षी ने कहा कि उनको पूरे तरीके से नौकरी से हटाइए. या तो मुझे जान के बदले जान चाहिए. इंसाफ चाहिए. इस मामले को लेकर गोरखपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे है. 28 सितंबर की आधी रात को गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में अचानक पुलिस इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह के साथ 6 पुलिसवालों ने दबिश दी. रीयल स्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता, नोएडा के रहने वाले अपने दो दोस्तों के साथ बिजनेस के सिलसिले में एक दिन पहले ही गोरखपुर गए थे और इस कमरे में ठहरे थे. चेकिंग के दौरान मनीष के दो दोस्त जग रहे थे. उन्होंने पुलिस को ID कार्ड दिखा दिया, जबकि मनीष सो रहे थे.


दोस्तों ने उनको उठाया तो मनीष ने पुलिस से चेकिंग के तरीके पर सवाल उठाया. आरोप है कि इसी बात पर इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और उनकी टीम बिफर गई. इंस्पेक्टर और उनकी पुलिस टीम ने मनीष गुप्ता के साथ मारपीट की. इसमें मौके पर ही मनीष की मौत हो गई. बाद में फर्श पर लगे खून के धब्बे को आनन-फानन में साफ कराया गया.

मनीष गुप्‍ता की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मनीष गुप्ता के शरीर पर 4 गंभीर चोटों के निशान मिले. सिर के बीच में आई चोट जानलेवा साबित हुई. इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष गुप्ता के दाहिने हाथ की कलाई पर डंडा मारने का निशान हैं. दाहिने हाथ की बांह पर भी डंडे से पिटाई के निशान हैं और बांए आंख की ऊपरी परत पर चोट के निशान है. इस चोट की वजह से ही वो कोमा में चले गए और मौत हो गई.

इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. जबकि इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह समेत 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है. योगी सरकार मीनाक्षी को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. लेकिन एक सच ये भी है कि इस घटना से एक बार फिर पुलिस की छवि दागदार हुई है और पूरा पुलिस महकमा कठघरे में खड़ा हुआ है. जिसपर सबसे पहले पुलिस को ही सोचने की जरुरत है.

इस मामले पर जमकर सियासत

योगी सरकार ने मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी को सरकारी नौकरी देने का आदेश जारी कर दिया है. मीनाक्षी को कानपुर विकास प्राधिकरण में OSD की नौकरी दी जाएगी. इसके अलावा सीएम योगी ने राहत राशि भी 10 लाख से बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है. लेकिन इस फैसले से पहले कारोबारी मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत को लेकर सियासत भी जमकर हुई.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पहुंचने से पहले ही एसपी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मनीष गुप्ता के घर पहुंच गए. इस बीच उन्होंने मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मिनाक्षी गुप्ता की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात का विरोध किया. पुलिस से धक्का-मुक्की की. कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के पहले अखिलेश यादव की मुलाक़ात होगी. इस दौरान मिनाक्षी गुप्ता एसपी कार्यकर्ताओं से शांति की अपील भी करती रहीं. बाद में अखिलेश यादव मनीष गुप्ता के घर पहुंचे और पत्नी मीनाक्षी और परिवार के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की और 20 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया.

वहीं, बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती भी पीछे नहीं रहीं. उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग की और राज्य सरकार की नीयत पर सवाल उठाए. मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बयान दिया और कहा कि इस सरकार में जंगलराज है. राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोला. राहुल गांधी ने लिखा कि बीजेपी सरकार के अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में आपके साथ हूं. हालांकि सीएम योगी के एक्शन के बाद सियासी विवाद थमता दिख रहा है. मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने भी सरकार की कार्रवाई पर संतोष जताया है.

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