मं’गल के कुंभ प्रवेश से क्या कम होगा महामा’री का असर, जानिए

मंगल ग्रह 4 मई, सोमवार को रात्रि 08:40 बजे अपनी उच्च राशि मकर से निकल कर कुम्भ राशि में प्रवेश करेगा। यह मंगल के शत्रु शनि के स्वामित्व की राशि है। मंगल के बलवान होने से व्यक्ति में साहस, पराक्रम और ऊर्जा की वृद्धि होती है। वहीं मंगल के निर्बल होने से रक्त और अस्थि संबंधित रोगों का सामना करना पड़ता है। मंगल के गोचर की अवधि लगभग डेढ़ माह की होती है। क्योंकि यह हर राशि में डेढ़ महीने तक स्थित रहता और फिर राशि परिवर्तन करता है। मंगल ग्रह 4 मई 2020 को कुंभ राशि में गोचर करेगा और 18 जून, 2020 तक इसी राशि में स्थित रहेगा।
मंगल एक अग्नि तत्व प्रधान ग्रह है और कुम्भ एक वायु तत्व की राशि है। इस प्रकार एक अग्नि प्रधान ग्रह का प्रवेश वायु तत्व प्रधान राशि में होगा तो क्या होगा असर। कुंभ शनि देव की मूल त्रिकोण राशि है, मंगल के कुंभ प्रवेश से जिस प्रकार जंगल मे आग हवा तेज होने से और भड़कती है उसी प्रकार मगल शनि के प्रभाव को और भड़का सकता है। इसी प्रकार मंगल शनि की राशि मे आने से अपना क्रूर स्वभाव दिखा सकता है, इसलिए मंगल के इस राशि परिवर्तन की शांति के समुचित उपाय जरूर करने चाहिए। इसके अलावा आईये अब जानते हैं कि मंगल के कुम्भ राशि में गोचर का फल सभी बारह राशियों के लोगों को किस प्रकार प्रभावित करने वाला है।

मेष राशि-सबसे पहले बात करते हैं मेष राशि की, जिसके ग्यारहवें भाव में मंगल का ये गोचर होने जा रहा है। यह परिवर्तन लंबी दूरी की यात्रा और महत्वकांक्षाओं की पूर्ति को दर्शा रहा है। इस गोचर के दौरान आपको जीवन में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, आपको अपने परिजनों का ध्यान रखना होगा और अगर कोई निर्णय लेना है तो पहले गंभीरता से विचार करें। मंगल का यह गोचर आपके लिए वृद्धिकारकर ही रहेगा। उपाय- हनुमानजी की पूजा करें। गाय को रोटी दें।

वृषभ राशि-क्रोधी स्वभाव का मंगल ग्रह आपकी राशि के दसवें भाव में विराजमान होने जा रहा है, जिसके फलस्वरूप आपको कॅरियर, सामाजिक पहचान और व्यवसाय में सफलता प्राप्त होगी। आपको अपने आसपास के माहौल को लेकर सजग रहना चाहिए। संभवत: कोई आपको हानि पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, जो लोग निराशावादी प्रकृत्ति के हों आपको उनसे दूर रहना चाहिए। पत्नी का व्यवहार सहयोगपूर्ण रहेगा, लेकिन हो सकता है कोई आप का फायदा उठा ले। उपाय-उॅ नमः शिवाय नमः का जाप करें…दूध, चावल का दान करें…

मिथुन राशि-मंगल का यह गोचर आपकी राशि के नौंवे भाव में होने जा रहा है, जो कि आपके भाग्य, शिक्षा और धर्म से संबंधित है। आप किसी शासकीय कार्य के लिए यात्रा कर सकते हैं। लव लाइफ के लिए यह समय बेहतरीन है। आपको आशावादी रहने और सभी के साथ प्रेम पूर्वक व्यवहार करने की सलाह दी जाती है। उपाय-ऊॅ धृणि सूर्याय नमः का पाठ करें….. गुड़.. गेहू…का दान करें..

कर्क राशि-कर्क राशि के लोगों के लिए यह गोचर आठवें भाव में होने जा रहा है, जो आपकी आयु, जीवन में आने वाले बड़े बदलाव और क्रांतिकारी विचारधारा को दर्शाता है। आप अपने मस्तिष्क पर ज्यादा बोझ ले सकते हैं जिसकी वजह से आपको कम करने में समस्या आएगी। आपकी एकाग्रता में कमी आ सकती है। प्रेमी या प्रेमिका के साथ अच्छा समय बिताएंगे। उपाय-ऊॅ अं अंगारकाय नमः का जाप करें… हनुमानजी की उपासना करें..

सिंह राशि-मंगल ग्रह का यह गोचर आपकी राशि के सातवें भाव में होने जा रहा है, जो जीवनसाथी, व्यवसाय और सांझेदारी का भाव है। रिश्तों में तनाव की वजह से हताशा और परेशानी बढ़ेगी, कोई भी फैसाला जल्दबाजी में ना लें। जब कोई आपसे उलझें या बहस करें तो सर्वप्रथम उनकी बातों को समझकर ही जवाब दें। आपको अपने उग्र और झगड़ालू प्रवृत्ति पर नियंत्रण रखना चाहिए। उपाय-ऊॅ रां राहवे नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें, धतूरे की माला शिवजी में चढ़ायें।

कन्या राशि-मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि के छठे भाव में होने जा रहा है, जो व्यवसाय और कठिन परिश्रम से संबंधित है। यह समय आपकी आजीविका के हिसाब से बेहतरीन है, आप जिस भी कार्य को अपने हाथ में लेंगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। आपको अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के बहुत से अवसर भी प्राप्त होंगे। उपाय-ऊॅ शुं शुक्राय नमः का जाप करें… घी का दान करें…

तुला राशि-मंगल ग्रह का ये गोचर आपकी राशि से पांचवें भाव में प्रवेश कर रहा है, यह बुद्धि, प्रेम संबंध और विद्या का परिचायक है। इस दौरान आपके व्यक्तित्व पर आलस्य हावी रहेगा। भौतिक सुख सुविधाओं को पाने की तीव्र इच्छा होगी। जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, उनका ये प्लान टल जाएगा, पर तनाव नहीं लेना चाहिए। इस दौरान आपको अपने जीवन में कुछ बड़ा करने की सोचनी चाहिए।उपाय-ऊॅ कें केतवें नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें… सूक्ष्म जीवों की सेवा करें…

daily horoscope 30 october 2019 in hindi

वृश्चिक राशि-मंगल का ये गोचर आपकी राशि के चौथे भाव में होने जा रहा है, जो आपके सुख, परिवार, माता, वाहन और प्रॉपर्टी का परिचायक है। गोचर के दौरान आपके स्वभाव में उग्रता बड सकती है, ऐसे में आपको स्वयं पर संयम और नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। इस गोचर के दौरान आपकी आय बढ़ेगी और आकर्षक लाभ होगा। ज़मीन और प्रॉपर्टी में निवेश करने की इच्छा बढ़ सकती है। उपाय-ऊॅ धृणि सूर्याय नमः का पाठ करें…..गुड़.. गेहू…का दान करें..

धनु राशि-धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर तीसरे भाव में होगा, ये छोटे भाई और पराक्रम से संबंधित है। इस समय आपके समक्ष जिस भी तरह की परिस्थितियां आएंगी आप स्वयं को उनके अनुसार ढाल लेंगे। इस दौरान आपके गुण और कौशल में भी वृद्धि होगी, आपको छोटे भाई-बहनों की वजह से नई खुशियां मिल सकती है। जो लोग बहुत समय से यात्रा पर जाने का पूरा प्लान खटाई मे जा सकता है। उपाय-ऊॅ शं शनैश्चराय नमः की एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें..उड़द या तिल दान करें….

मकर राशि-मंगल ग्रह का गोचर आपकी राशि के दूसरे भाव में होगा। यह घर भाषा, संचार और आर्थिक पक्ष को दर्शाता है। इस दौरान किसी से कहासुनी और क्रोध पर नियंत्रण रखें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। लोगों को बेवजह परेशान करने की कोशिश नहीं करें। जिस सोसायटी में आप रह रहे हैं वहां लोगों के प्रति विनम्रता का भाव रखना आपको लाभ पहुंचाएगा। उपाय-ऊॅ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः का जाप करें…दूध, चावल का दान करें…

कुंभ राशि-कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर प्रथम भाव में होने जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आपके लिए यह गोचर थोड़ा मुश्किलों भरा रहने वाला है। किसी भी कीमत पर जोखिम उठाने का साहस ना दिखाएं, अन्यथा परेशानी बढ़ सकती है। आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी तो होगी लेकिन मंगल के प्रभाव के चलते अपनी राह से भटक या पीछे भी हट सकते हैं। आपको अपने उग्र स्वभाव की वजह से कुछ परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं।उपाय-ऊॅ रां राहवे नमः का एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें.. मूली का दान करें..

मीन राशि-यह गोचर आपकी राशि के बारहवें भाव में होगा यह भाव आपके सुख, अनिंद्रा, आध्यात्मिक मामले और यात्रा से संबंधित है। अचानक आप बेहिसाब तरीके से खर्च करेंगे। सामाजिक जीवन में दूरी रहेगी, लोगों से मेल मिलाप नही रहेगा। जीवन में आगे बढ़ने के लिए दोस्तों और अन्य लोगों से भरपूर सहयोग लें। किसी के मनोबल को ठेस पहुंचाने के बजाय उसका आत्मविश्वास बढ़ाएं। वे विरोधी जिन्होंने आपको नुकसान पहुंचाया था, उनको अपनी गलती का अहसास होगा। तनाव से बचने के लिए ज्यादा नहीं सोचें, बस काम पर अपना ध्यान दें। उपाय-गुरु मंत्र का जाप करें। रसीले फल गुरु तुल्य को दान करें।

One thought on “मं’गल के कुंभ प्रवेश से क्या कम होगा महामा’री का असर, जानिए”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *