बड़े दिल वाला : दुकान बंद कर बाहर केले टांग जाता है मालिक, जिसे भूख लगे वो मुफ्त में खा ले

नई दिल्ली। भारत में कोरोना की लहर का सभी राज्यों में देखने को मिल रहा है। राज्य भले अलग-अलग हैं लेकिन हालात एक जैसे ही हैं। संक्रमित मरीज को जांच से लेकर अस्पताल में बेड, दवा और ऑक्सीजन तक नहीं मिल रही है। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए कई राज्यों लॉकडाउन लगा है या आंशिक लॉकडाउन या कर्फ्यू लगा हुआ है। इस दौरान गरीब और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले मजदूरों को, छोटे दुकानदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सच तो यह है कि लोगों के पास खाने के लिए एक वक़्त खाना तक नहीं है। इन परेशानियों के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दिल से लोगों की मदद में लगे हुए हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति का नाम है मुत्थुपांडी, जो तमिलनाडु के थुटूकुडी जिले के कोविलपट्टी में रहते हैं।

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मुत्थुपांडी को बड़े कारोबारी नहीं हैं और न ही वो कोई अमीर शख्स हैं। वो तो के फल विक्रेता हैं, जिनका दिल एक बड़े कारोबारी से बड़ा है। यही वजह यही कि लोग उनकी तारीफ करते हुए थक नहीं रहे हैं। वहीं वो दूसरों को भी प्रेरित भी कर रहे हैं। कोविलपट्टी में फल की दुकान मालिक मुत्थुपांडी जब दुकान बंद करके जाने लगते हैं तो दुकान के बाहर केले टांग जाते हैं, जिसके साथ एक स्लेट भी टंगी होती है, जिस पर लिखा होता है कि ‘अगर आपको भूख लगी है तो इन केलों को आप मुफ्त में खा सकते हैं, लेकिन इन्हे बर्बाद न करें।

दुकान भी किराये की है और मुत्थुपांडी दो वर्ष से दुकान चला रहे हैं। कोरोना संकट के दौर में उनका रोज का नियम बना हुआ है कि वो दुकान बंद करने के साथ ही बाहर कई दर्जन केले टांग जाते हैं। यह सब उनके लिए इनके पास खाने को कुछ नहीं है। बहुत से लोगों का पेट मुत्थुपांडी की वजह से रोजाना ही भर रहा है।

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