इस सहयोगी पार्टी के ते’वर से भाजपा को लग सकता है झ’टका, इस तरह होगा..

पटना: बिहार से जो ख़बरें आ रही हैं वो भाजपा के लिए बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती. हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा को प्र’चंड जीत मिली है और NDA के बाक़ी दलों ने भी बड़ी कामयाबी हासिल की है लेकिन ख़बर ये है कि बिहार जदयू इस समय भाजपा से ख़ुश नहीं लग रहा है. जदयू और भाजपा में पहले से ही इस तरह की बातें अन्दर अन्दर चल रही थीं जिसकी वजह से ये माना जा रहा है कि NDA में सबकुछ ठीक नहीं है. हालाँकि अभी चुनाव में जीत मिली है तो सब अपने गिले शिकवे भूल गए हैं.

इस बीच जदयू के कुछ नेता भाजपा से नाराज़ चल रहे हैं वहीँ भाजपा नेताओं को भी लगने लगा है कि अब जदयू से गठबंधन की कोई ज़रूरत नहीं है. उन्हें लगता है कि अब बिहार में भाजपा स्वं ही इतनी मज़बूत हो गई है कि वो अकेले चुनाव लड़कर सरकार बना सकती है. राज्य में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में जदयू और भाजपा अलग अलग चुनाव भी लड़ सकते हैं.

वहीँ ताज़ा जो मतभेद उभरे हैं उसमें कहा जा रहा है कि जदयू को अधिक मंत्रालयों की उम्मीद थी लेकिन भाजपा ने उसे एक ही मंत्रलाय ऑफर किया. इसके बाद जदयू में असंतोष की ख़बरें आने लगीं. इस बीच मामले को शांत करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बयान दिया है कि जब हमें ये बताया गया कि जदयू को एक मंत्रलय दिया जाएगा तो मैंने कहा कि हमें ज़रूरत नहीं है लेकिन मैं पार्टी से पूछूंगा. उन्होंने कहा कि मैंने सबसे पूछा और उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सांकेतिक तौर पर दिखाने के लिए मंत्रालय पद लेना ठीक नहीं है, हम साथ हैं और अपसेट नहीं हैं.

नितीश ने कहा कि मैंने देखा कि कई अखबारों में इस तरह की ख़बरें आयी है कि हमने 3 बर्थ की माँग की, जबकि ये झूठ है..हमने किसी मंत्री पद की माँग नहीं की. नितीश भले ही इस बात को कितना ही कहें लेकिन सच तो यही है कि जदयू और भाजपा के रिश्ते अब पहले जैसे नहीं रहे. इस पूरे घटनाक्रम पर राजद और दूसरी पार्टियाँ भी निगाह लगाए हुए हैं.

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