ओवैसी ने दिया सुझाव तो मोदी ने भी कह दी ये बात, पहली बार ओवैसी की बात से मोदी हुए ख़ुश..

यूं तो ऐसा माना जाता है कि आल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असद उद्दीन ओवैसी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग-अलग विचारधारा के हैं. अक्सर ऐसा होता है कि दोनों एक ही मुद्दे पर अलग-अलग मत पेश करते नज़र आते हैं. दोनों ही राजनीतिक तौर पर विरोधी माने जाते हैं लेकिन एक मुद्दे पर दोनों ने सहमति जताई है.

AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसी बात कही जिस पर पीएम मोदी ने सहमति दिखाई है,ऐसा अवसर कम ही आता है जब ओवैसी और मोदी किसी एक मुद्दे पर सहमत होते है.दरअसल ओवैसी ने नया संसद भवन बनाने मांग उठाई.जिस पर पीएम मोदी ने विचार करने की बात कही. ओवैसी ने कहा कि वर्तमान संसद भवन में सांसदों को बैठने के लिए जगह नहीं है.

ओवैसी ने सलाह दी कि अगर जरूरी हो तो सरकार राष्ट्रपति भवन की जमीन हासिल कर नया संसद भवन बनाए।इस पर पीएम ने सहमति जताई और विचार करने का आश्वासन दिया. बता दें कि इससे पहले लोकसभा के नए स्पीकर ओम बिरला को बधाई देने के दौरान कहा कि आप मैच के रेफरी हैं,इसलिए खेल का हिस्सा ना बनें.ओवैसी ने कहा,आप जिस पद पर मौजूद हैं हमारे मुल्क में शक्तियों के पृथक्करण का जो सिद्धांत सिद्धांत है उसकी रक्षा करेंगे.

उन्होने कहा, मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि ब्रिटेन में कई स्पीकरों ने अपने संसदीय राजनीति की रक्षा के लिए अपनी जान तक दे दी.हम आपसे उम्मीद करते हैं कि चुनी हुई सरकार एक सम्राट ना बन जाए इसलिए आपको बहुत बड़ा रोल निभाना पड़ेगा.मैं आपको याद दिला रहा हूं कि आप इस हाउस के रेफरी हैं,आप गेम का हिस्सा नहीं बन सकते.”

ओवैसी ने कहा,”आप राइट साइड से आए हैं,विचारधारा भी दक्षिणपंथी हो सकती है लेकिन आपसे निवेदन ही लेफ्ट साइड भी ध्यान देते रहें।इस संसदीय राजनीति को हम बेहतर से बेहतर चलाएंगे।आपकी पास असीम शक्तियां हैं.मेरा आपसे अनुरोध है कि आप अपनी शक्तियों का जाब इस्तेमाल करें तो इस बात का ध्यान रखें कि इससे बहस होगा या सदन को बाधित कर दिया जाएगा।”

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