पांच चीज़ों में देर अल्लाह को स’ख्त ना पसंद है इसलिए औरतें जितनी जल्दी हो उसको कर लें…

अस्सलाम वालेकुम मेरे प्यारे भाइयों और बहनों ,उम्मीद करता हूं कि आप सब खैरियत से होंगे। मेरे भाइयों आज मैं आपको बताने वाला हूं कि पांच चीजों में कभी भी देर ना करें क्योंकि इन 5 कामों में देर करने से अल्लाह नाराज होता है। तो आइए मेरे भाइयों बहनों आज हम आपको बताते हैं कि वह 5 काम कौन से है जिन्हें करने में बिल्कुल भी देर नहीं करनी चाहिए? सबसे पहला काम यह है कि लड़कियों के निकाह में देर नहीं करनी चाहिए. इस्लाम और इंसान के ईमान में कमीं होने की वजह से हमारे माशरे और हमारे आसपास के लोग अपने बच्चों की शादी देर से करते हैं और शादी करने में देर होने की वजह वह दुनियाबी माल और दौलत में कमी होना बताते हैं और ये सब इमान की कमजोरी की वजह से होता है.

कहते हैं कि अल्लाह ही रिज़्क़ देने वाला है लेकिन यह यकीन सिर्फ हमारी जुबान पर होता है अगर यह बात हमारे सीने में होती तो यकीनन हम यह बात पूरे दिल से कहते कि अल्लाह रिज़्क़ देने वाला है दूसरा कोई नहीं. अल्लाह पाक कुरान ए करीम में फरमाते हैं कि और कितने ही चौपाए ऐसे हैं जो अपना रिज़्क़ अपने साथ उठा लाते हैं लेकिन अल्लाह ही रिज़्क़ देने वाला है सुनने वाला है और तुम सबकी मुसीबतों को हल करने वाला है इसलिए मेरे भाइयों जितना जल्दी हो सके लड़कियों और लड़कों का निकाह कर देना चाहिए.

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दूसरा काम यह है कि गुनाहों से तौबा बहुत ही जल्दी करना चाहिए। अल्लाह अपने बंदों पर यह एहसान करते हैं कि जब बंदा गुनाह करता है जब कोई गलती करता है तो अल्लाह उसे फौरन सजा नहीं देता है। इंसान के पास 6 घंटों की मोहलत होती है अगर वह कोई गलती करता है या कोई गुनाह करता है तो फरिश्तों को यह हुकुम होता है कि वह 6 घंटों तक उसके गुनाहों का हिसाब न लिखे। अल्लाह अपने बंदों को यह मोहलत तौबा करने के लिए देता है अल्लाह कहता है कि यह मोहलत में अपने बंदों को इसलिए देता हूं कि वह अपनी गलती को माने और जितना जल्दी हो सके तो वह तौबा कर ले और अल्लाह उसकी बक्शीश चाहे.

कई बार हालात ऐसे होते हैं कि इंसान खुद को गुनाहगार समझता ही नहीं है और इसी तरह इंसान बार-बार गुनाह करता जाता है ना जाने ऐसे कितने गुनाह है जो इंसान पर अल्लाह की रहमत का सिलसिला ही रोक देते हैं जिस वजह से इंसान पर नेमत और रहमत के दरवाजे बंद हो जाते है। इसलिए जब भी आप से गुनाह हो जाए तो मेरे भाइयों तुरंत ही अल्लाह से तौबा करले, अल्लाह बड़ा ही रहम करने वाला है वह अपने बंदों को बार-बार मौका देता है लेकिन बंदे इतने नासमझ है कि उसकी रहमत का फायदा नहीं ले पाते हैं.

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तीसरा काम यह है की रोजेदार अफ़तार करने में देर ना करें। हजरत अबू हुरैरा रहते इरशाद फरमाते हैं कि अल्लाह का हुक्म है कि मेरे बंदो में सबसे प्यारा बंदा वह है कि जो अफ़तार का वक्त हो जाने पर सबसे पहले इफ्तार करने के लिए पहुंचे।इफ्तार में बंदा जितना जल्दी करता है अल्लाह को उसकी यह अदा उतनी ही अच्छी लगती है। चौथा काम यह है कि मुर्दे को दफनाने में देर ना करें। नबी ए करीम सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया है कि जब किसी की मौत हो जाए तो उसे दफनाने में देर ना करो उसे जितना जल्दी हो उसकी कब्र तक ले जाओ.

पांचवा काम है कि किसी से लिया हुआ कर्ज जल्दी अदा करना चाहिए। यह बात इसलिए कही गई है क्योंकि इंसान की जिंदगी का कोई भरोसा नहीं होता है। अगर कोई इंसान किसी से कर्ज लेता है और उसने इस बारे में अपनी फैमिली में किसी को ना बताया हो और अल्लाह ना करे कि उसकी मौत हो जाए तो उसका कर्ज ,कर्ज ही रह जाता है और जिंदगी भर नहीं अदा हो पाता है इसलिए इंसान को जितना जल्दी हो सके कर्ज़ अदा कर देना चाहिए.

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