महागठबंधन में शामिल होने के बाद रालोद ने चली ऐसी चाल कि सभी रह गए हैरान

हेलो दोस्तो हम आपके लिए लाए हैं महागठबंधन से जुड़ी हुई एक खास खबर, दोस्तों गठबंधन से जुड़े प्रत्येक पार्टी लगातार क्रियाशील दिखाई दे रही है. जब से गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया गया है उसी के बाद से ही सीटों का बंटवारा शुरू हो गया और अब खबरें मिल रही है कि आरएलडी भी इस गठबंधन में शामिल हो चुकी है. महागठबंधन में पश्चिमी यूपी की 11 सीटें बसपा ,8 सीटें सपा और 3 सीटें आरएलडी को दी गई है.

सीटों के बंटवारे के बाद तीनों पार्टियों ने अपने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है, कहा जा रहा है कि महागठबंधन में अपने अस्तित्व के लिए लड़ रही आरएलडी को महागठबंधन में 3 सीटों से ही संतुष्ट होना पड़ा जबकि रालोद ने 6 सीटों की मांग की थी, पता चला है कि अब आरएलडी एक बड़ा दांव खेलने जा रही है. महागठबंधन से जुड़ी तीनों पार्टियों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है जितनी तेजी से चुनाव करीब आ रहा है उतनी तेजी से प्रत्याशियों की घोषणा और प्रचार-प्रसार हो रहा है.

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सूत्रों से पता चला है कि 2019 चुनाव के लिए आरएलडी नें एक नया प्लान तैयार किया है इस प्लान के तहत आरएलडी ने अपना पहला शक्ति प्रदर्शन करने के लिए लोहारी गांव को चुना है. शक्ति प्रदर्शन में जयंत चौधरी को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया है, जयंत चौधरी जनता को संबोधित करने के लिए लोहारी जाएंगे.
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यह पहली बार होगा जब बागपत से अजीत सिंह के अलावा कोई और प्रत्याशी के रूप में उतरेगा ऐसा करना रालोद के लिए अच्छा होगा या बुरा यह तो 2019 के चुनाव के परिणाम ही बताएंगे. बागपत के लोहारी गांव में 24 फरवरी को शक्ति प्रदर्शन सम्मेलन रखा गया है इस सम्मेलन का मुख्य कारण यह जानना है कि यहां की जनता जयंत चौधरी को कितना पसंद करती है.

शक्ति सम्मेलन की भीड़ को देखकर ही यह तय किया जाएगा कि अजीत सिंह की जगह जैन चौधरी को उतारना सही है या गलत. रालोद के एक नेता से पता चला है कि शक्ति सम्मेलन में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति का अनावरण किया जाएगा. गठबंधन के बाद से रालोद और जयंत चौधरी के लिए यह पहला सम्मेलन होगा.

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