Sunday, August 1, 2021
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7 बाते बीवी को भी नही बताना चाहिए…जानिए क्यों हज़’रत अली(र.अ.) ने ये फ़रमाया ?

बीवी के सामने सात बातें कभी नहीं करनी चाहिए,सबसे पहला यह है कि बीवी के सामने किसी दूसरी औरत की तारीफ कभी न करें,कभी भी बीवी पर हाथ नहीं उठाना चाहिए,अगर बीवी से कोई गलती हो जाये,तो उसे प्यार से समझाना चाहिए.कभी भी बीवी के सामने किसी परेशा’नी की वजह से रोना नहीं चाहिए.

बीवी को कभी अपनी तंख्वाह नहीं बतानी चाहिए,इसी तरह बीवी से राज़ की बातें भी नहीं बताना चाहिए,अपनी बीवी के सामने कभी अपने माँ बाप भाई बहन की बुराई न करना,इसी तरह कभी बीवी के सामने उसके माँ बाप की भी बुराई नहीं करनी चाहिए.दोस्तों बीवी की जायज़ ज़रूरीयात को पूरा करते रहें मगर उसे फ़ुज़ूलखर्च ना होने दें और ख़र्च के लिए तंग भी ना रखें.

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मियां बीवी को एक दूसरे की इज़्ज़त का एहसास होना चाहीए।अगर बीवी किसी बात पर रूठ जाये तो उसे नरमी से समझा देना चाहीए क्योंकि ख़्वाह-मख़ाह ज़रा ज़रा सी बात झिड़कने और डाँट’ने से ताल्लुक़ात ख़राब हो कर महाज़ आराई की शक्ल इख़तियार कर लेते हैं.हुज़ूर ने फ़रमाया है.औरत पिसली की हड्डी से पैदा की गई है.

अगर तुम उसे सीधा करना चाहोगे तो ये टूट जाएगी.मतलब ये है कि बर्दाश्त और सब्र से काम लें.नरमी और हमदर्दी का ये मतलब नहीं है कि आप अपनी बीवी के ग़ुलाम बन कर रह जाएं और जो कुछ वो कहे वही करने लगें.याद रखें बीवी की हर ज़रूरत को पूरा करने वाले ग़ुलाम(ज़न-मुरीद) सारी उम्र तकलीफ़ उठाते रहते हैं.

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रोब डालने वाले,हर वक़त तेवर चढ़ाए रहने,बात बात पर काट खाने,बदमिज़ाजी और पेश आने से औरत को इस बात का मौक़ा मिल जाता है कि वो आपका साथ छोड़कर गुमराह हो जाएगी इस लिए इस से ख़ुशमिज़ाजी से पेश आना चाहीए।अगर औरत में कोई ख़ूबी हो तो इस की क़दर करनी चाहीए और अगर कोई कमज़ोरी है तो उसे दूर करने के लिए उस की मदद करनी चाहीए।

अगर बीवी उनपढ़ है तो उसे ख़ुद पढ़ाईए ये बहुत नेकी की बात है और घर में सुकून पैदा करने का बाइस है। लेकिन अगर औरत पढ़ी हुई है उसे दीनी किताबें पढ़ने को दिया करें।इस से आपका फ़ायदा होगा,सवाब मिलेगा।आपकी बीवी घर का इंतिज़ाम ज़्यादा अच्छे तरीक़े पर सँभाल सकेगी। बच्चों की परवरिश करना और तर्बीयत देना भी इस के लिए आसान हो जाएगा।

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उसे हलाल और हराम की तमीज़ हो जाएगी,जो बहुत ज़रूरी है।वो बहुत फ़रमांबर्दार हो जाएगी।बीवी को कभी सिनेमा देखने या नाच-गाने की दावत ना दीजिए वर्ना आपके घर का सुकून बर्बाद हो जाएगा।अगर आपको कोई ख़ुशी का मौक़ा मिले या कामयाबी हासिल हो या आप दूर दराज़ के सफ़र से वापिस आएं तो बीवी के लिए तोहफ़ा लाया करें। चाहे थोड़ी क़ीमत का ही क्यों ना हो।

इस से मुहब्बत बढ़ती है।घर के मुआमलात में बीवी से भी मश्वरा करें ताकि उसे अपनी एहमीयत का एहसास रहे और वो आपकी क़दर करने लगे, मगर उस का मश्वरा क़बूल करना ज़रूरी नहीं है,हाँ अगर मश्वरा उम्दा हो तो बे-शक क़बूल कर लें।बीवी को बुरी औरतों और ग़ैर मर्दों के साथ मिलने से सख़्ती से रोक दीजिए और इस में किसी किस्म का लिहाज़ ना कीजिए वर्ना उस का नतीजा बहुत ख़तरनाक होगा।

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