शांति और स्थिरता के लिए अमीरी-गरीबी के बीच खाई कम करना जरूरी: डॉ. रमन सिंह

रायपुर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज रात यहां उद्यमिता संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सफल उद्यमियों को उद्यमिता पुरस्कारों से सम्मानित किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से डॉ. सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश और दुनिया में, समाज तथा राज्य में शांतिपूर्ण विकास के लिए अमीरों और गरीबों के बीच खाई को लगातार कम करना बहुत जरूरी है। यह खाई जितनी कम होगी, उतनी ही ज्यादा शांति और स्थिरता आएगी। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। विभिन्न प्रकार के उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्योग स्थापना के लिए नये उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की अनेक योजनाएं प्रदेश में संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने समारोह में आयोजकों की ओर से विभिन्न क्षेत्रों के 15 सफल उद्यमियों को पुरस्कार प्रदान कर बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. सिंह ने कहा-राज्य सरकार ने गांव, गरीब और किसानों की बेहतरी के लिए कई योजनाओं की शुरूआत की है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को सिर्फ एक रूपए किलो में चावल दिया जा रहा है। इस योजना के जरिए किसानों को खेती के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा- जब तक किसान मजबूत नहीं होंगे, तब तक उद्योग और व्यापार नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि राज्य में लोगों की तरक्की के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र मेें अनेक चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 55 लाख परिवारों को 50 हजार रूपए तक की चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में दस लाख गरीब परिवारों के लिए मकानों का निर्माण करवाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में 46 सौ करोड़ रूपए का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ी है। नए उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। उद्यमिता का माहौल बनने से राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से बढ़ता हुआ और असीम संभावनाओं से भरा प्रदेश है। यहां सरकार द्वारा रेल और सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे उद्योगों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में 25 हजार करोड़ का सड़क निर्माण चल रहा है। वहीं राज्य सरकार द्वारा अगले सात आठ सालों में प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के आधार पर 13 सौ किलोमीटर रेल लाइन बिछाया जाएगा। सड़क और रेल कनेक्टिविटी बढ़ने का सीधा संबंध राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। वहीं उद्योगों को माल ढुलाई की गति काफी बढ़ जाएगी इससे सामानों की कीमत में कमी आएगी। राज्य निर्माण के समय राज्य की जी.डी.पी. 19 हजार करोड़ रूपए की थी जो अब बढ़कर 2 लाख 90 हजार करोड़ रूपए हो गयी है। समारोह को विशिष्ट अतिथि उद्योगपति श्री नवीन जिन्दल और श्री कमल सारडा ने भी संबोधित किया।
उल्लेखनीय है कि संगठन के द्वारा युवा और सफल उद्यमियों को नई पहचान दिलाने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पहली बार उद्यमिता पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इसमें लघु अति लघु, मध्यम, और बडे उद्योगों के क्षेत्र के उद्यमी शामिल हैं। इस अवसर पर भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के प्लेसमेंट ऑफिसर प्रोफेसर संजीव पराशर सहित श्री निशित दोषी और श्री विशाल सिंह उपस्थित थे।

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