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कब होगा शनि का राशि परिवर्तन, जानिए किन राशियों पर लगेगी साढ़ेसाती और किसे मिलेगा छुटकारा

कई लोगों शनिदेव को क्रूर ग्रह मानते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं हैं. शनिदेव न्यायप्रिय देवता हैं, जो व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार अच्छा या बुरा फल प्रदान करते हैं.
नई दिल्ली: शनिदेव सभी 9 ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं. यह एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए लगभग ढाई साल का समय लेते हैं. वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को रोग, दुख, तकनीकी, लोहा, तेल और जेल आदि का कारक ग्रह माना गया है. शनि की महादशा 19 सालों तक चलती है. शनिदेव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं. शनिदेव तुला राशि में उच्च के और मेष राशि में नीच के होते हैं. आम धारणा के मुताबिक शनिदेव को क्रूर ग्रह माना जाता है, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं हैं. शनिदेव न्यायप्रिय देवता हैं, जो व्यक्तियों को उनके कर्मों के अनुसार अच्छा या बुरा फल प्रदान करते हैं. माना जाता है कि शनि की बुरी द्दष्टि जिन जातकों के ऊपर पड़ती है, उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बनते हुए काम का बिगड़ जाना, नौकरी में बाधाओं का आना और लगातार सेहत में गिरावट आदि शनि के अशुभ होने की निशानी है. वहीं दूसरी तरफ अगर शनि की द्दष्टि शुभ हो तो व्यक्ति के जीवन में सभी तरह के शुभफल की प्राप्ति होने लगती हैं. व्यक्ति के बुरे दिन आने कम होने लगते हैं और अच्छे दिन शुरू हो जाते हैं।

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ज्योतिषशास्त्र में शनि का राशि परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. ढाई साल में शनि का राशि परिवर्तन होता है. जब भी शनि का राशि परिवर्तन होता है, इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. शनि के राशि बदलने पर कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और कुछ पर ढैय्या लग जाती है. बता दें कि पिछली वर्ष 24 जनवरी 2020 को शनि का राशि परिवर्तन हुआ था.

2022 में शनि का राशि परिवर्तन कब?

इस वर्ष यानी 2021 में शनि का राशि परिवर्तन नहीं होगा. अब अगले साल 29 अप्रैल 2022 को शनिदेव राशि बदलेंगे. शनिदेव 29 अप्रैल को मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे. हालांकि दोबारा से कुछ समय के लिए 12 जुलाई 2022 को शनि वक्री होकर मकर राशि में गोचर करेंगे.

29 अप्रैल 2022 को शनि जब कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, तब धनु राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी. इसके अलावा मिथुन और तुला राशि से शनि की ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाएगा. शनि के राशि परिवर्तन से मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा. वहीं, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी. 2022 में मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती और कर्क और वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा.

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2021 में इन राशियों पर है शनि का प्रभाव- शनिदेव इस समय मंद गति से स्वयं की राशि मकर में विराजमान हैं. शनि के मकर राशि में होने पर धनु, मकर और कुंभ पर साढ़ेसाती चल रही है, जबकि मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है.

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