बेगु’सरा’य की जनता कन्हैया कुमार को क्यों दे वोट? देखिए JNU की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद का जवाब

हेलो दोस्तों जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार आज बेगूसराय से अपना नामांकन दाखिल करने वाले हैं और उनका साथ देने के लिए उनकी पूर्व छात्रसंघ सहयोगी शहला राशिद आज हमारे साथ हैं। आइए पूछते हैं उनसे कन्हैया कुमार को लेकर चंद सवाल। हमने शहला से पूछा “आप बताइए शहला कि क्या आपको उम्मीद है कि क्या कन्हैया टक्कर दे पाएंगे गिरिराज सिंह और तनवीर हसन जैसे बड़े नेताओं को?” इस सवाल का जवाब देते हुए शहला रशीद ने कहा कि देखिए हम लोग बड़े नेताओं का आदर करते हुए बेगूसराय के लोगों से यह अपील करना चाहते हैं कि देश को उसके भविष्य का नेता दें.

ये सिर्फ बेगूसराय की ही लड़ाई नहीं है बल्कि देश के हित की बात है। आज हम लोग कोई भाषण देने नहीं बल्कि विनती करने आए हैं। हम मानते हैं कि बड़े नेताओं से हमारी कोई टक्कर नहीं है हम उनका आदर करते हैं उन्होंने बहुत सारे काम किए हैं देश हित में और बेगूसराय के लिए भी और ना ही उनसे हमारी कोई दुश्मनी है लेकिन क्योंकि यह देश की लड़ाई है इसलिए हम विनती करना चाहेंगे कि आप हमारी मदद करें और देश को एक बेहतर नेता दे.

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हमने शहला राशिद से यह भी सवाल किया कि आखिर क्यों जनता कन्हैया कुमार को वोट दे जबकि उनके पास इतने बड़े-बड़े दिग्गज नेता पहले से मौजूद है? इस सवाल पर शहला राशिद ने कहा कि “कन्हैया कुमार आज के युग में इंसाफ की आवाज बन कर आए हैं और वह सिर्फ देश के लिए ही नहीं पूरी दुनिया के लिए इंसाफ चाहते हैं.

भले ही कन्हैया कुमार ने जल्दी ही राजनीति में कदम रखा है और वह विदेशों के बारे में कम जानते हैं और उनका विदेशों में आना जाना नहीं है लेकिन अगर वह विदेशों में जाते हैं तो वह देखेंगे कितने ज्यादा लोग उन्हें जानते हैं और चाहते हैं और देश विदेश के लोग यह चाहते हैं कि कन्हैया कुमार आगे आए और सभी के लिए न्याय की आवाज उठाएं.

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इतना ही नहीं कन्हैया कुमार के बारे में किताबों में लिखा जा रहा है ।अब आप ही बताएं कि ऐसे बेटे पर किसे नाज नहीं होगा। सिर्फ बेगूसराय ही नहीं बल्कि पूरे देश को कन्हैया कुमार गर्व होना चाहिए”. शहला राशिद से अगला सवाल पूछा गया कि आपको क्या लगता है कि कन्हैया कुमार की किस से लड़ाई है तनवीर हसन से या गिरिराज सिंह से?

इस सवाल पर शहला रशीद ने जवाब दिया कि देखिए लड़ाई तो किसी से भी नहीं है यह बस इंसाफ की बात है बहुत सारे नेता आते है और बहुत सारे नेता चले जाते हैं यह सृष्टि का नियम है कि एक के बाद दूसरे को आना है और यही वजह है कि चुनाव होते हैं ताकि जनता अपने हिसाब से अपना नेता चुन सकें यदि उनका पुराना नेता उनके लिए बेहतर है तो वह उसे ही चुनेंगे लेकिन अगर उन्हें थोड़ी सी भी उनसे दिक्कत है तो वे इंसाफ चाहेंगे और मुझे लगता है कि कन्हैया कुमार सबके लिए इंसाफ करेंगे.

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