पंजाब कांग्रेस के लिए ब’ड़ी ख़बर, सिद्धू ने की बड़ी घोष’णा..

अमृतसर: पिछले कई महीनों से पंजाब कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के रिश्तों में खटास की ख़बरें आ रही हैं. इनमें से एक तो हैं मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और एक हैं नवजोत सिंह सिद्धू. दोनों वरिष्ठ नेताओं में बिलकुल जम नहीं रही है. जानकार मानते हैं कि समस्या तब शुरू हुई जब सिद्धू के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार के बतौर पेश करने लगे जबकि राज्य में कांग्रेस की ही सरकार थी और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ही थे.

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने भले देश भर में अच्छा प्रदर्शन न किया हो लेकिन पंजाब में पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा. इस प्रदर्शन का श्रेय सिद्धू को नहीं बल्कि अमरिंदर सिंह को मिला. इसके बाद पंजाब मंत्रिमंडल में उनका पदभार बदल दिया गया जिससे सिद्नेधू काफ़ी नारा’ज़ हो गए. इसी वजह से उन्होंने पंजाब सरकार में मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया. मंगलवार को उन्होंने अपने समर्थकों से मुलाकात की और कहा कि वह कांग्रेस में ही बने रहेंगे.

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर पर समर्थकों और नगर निकाय के स्थानीय पार्षदों से मुलाक़ात की. सिद्धू के आवास पर मिलने वाले पार्षदों में से एक मोनिका शर्मा ने बताया, ‘बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने (सिद्धू ने) पंजाब मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है, लेकिन वह पार्टी में बने हुए हैं. उन्होंने बैठक के दौरान सभी को पार्टी के लिए कड़ी मेहनत के लिए प्रोत्साहित किया.’

स्थानीय नेताओं के मुताबिक बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उनकी मंशा भविष्य में भी कांग्रेस को छोड़ने की नहीं है. सिद्धू पहले भाजपा में भी रह चुके हैं और वह 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ सिद्धू के रिश्ते सहज नहीं हैं.

6 जून को मंत्रिमंडल में हुए बदलाव में स्थानीय सरकार और पर्यटन मंत्रालय का उनका विभाग भी ले लिया गया था. उन्हें ऊर्जा प्रभार दिया गया था, लेकिन उन्होंने कभी यह पदभार ग्रहण नहीं किया. मुख्यमंत्री ने शनिवार को सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था. वहीं शर्मा ने बताया कि बैठक में सिद्धू ने कहा कि वह जमीनी हकीकत जानने के लिए रोजाना अपने क्षेत्र का दौरा करेंगे.

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