शिवसेना को समर्थन या नहीं, सोनिया गाँधी ने बैठक में लिया बड़ा फैसला..

महाराष्ट्र में चल रहा सि’या’सी ड्रामा अभी तक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच गठबंधन तकरीबन ख’त्म हो चुका है। बीजेपी से रिश्ता तोड़ने के बावजूद शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार गठन करने में कामयाब नहीं हो पाई है। आपको बता दें कि अब महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा तीसरी बड़ी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को सरकार गठन करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

वहीं दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई है। जिसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल रहे काफी देर तक चली। इस मीटिंग के दौरान महाराष्ट्र के चुनाव प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायकों की राय वाले पत्र सोनिया गांधी को सौंपा। वहीं दूसरी तरफ से एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक हुई है और उसे बाहर आकर पार्टी के नेता नवाब मलिक ने बताया कि वह कांग्रेस के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

आपको बता दें कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच भी एक बैठक हुई है। जिसमें संजय राऊत मौजूद रहे लेकिन शिवसेना के साथ सरकार बनाने के मामले में अभी तक कोई भी फैसला नहीं ले पाई है। दिल्ली में कांग्रेस की बैठक महाराष्ट्र कांग्रेस के कई नेता शामिल हुए हैं और अभी तक इस बैठक में शिवसेना को समर्थन देने पर किसी भी तरह का फैसला नहीं लिया गया है।

बताया जा रहा है कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने शिवसेना नेताओं के साथ राजभवन पहुंचकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के साथ मुलाकात भी की है। गौरतलब है कि एनसीपी को राज्यपाल ने सरकार बनाने का ऑफर दिया है। एनसीपी के पास आज सरकार बनाने का दावा पेश करने का वक्त है।

इस मसले पर एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा कि रात 8.30 बजे तक विधायकों के समर्थन के बारे में बताना मुश्किल है, क्योंकि कांग्रेस नेता दिल्ली में हैं, कांग्रेस विधायक जयपुर और दिल्ली में हैं। बताया जा रहा है कि शरद पवार के साथ बैठक के बाद एनसीपी नेता अजित पवार राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए 24 घंटे का वक्त मांगा।

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